सक्ती। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026–27 को लेकर देशभर में राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। इसी कड़ी में भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य एवं मीडिया पैनलिस्ट संयोगिता युद्धवीर सिंह जूदेव ने बजट की सराहना करते हुए इसे आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक मजबूत और दूरदर्शी कदम बताया है।
उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल देश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला है, बल्कि रोजगार सृजन और समावेशी विकास का स्पष्ट रोडमैप भी प्रस्तुत करता है।
विनिर्माण क्षेत्र को मिली प्राथमिकता, भारत को वैश्विक उत्पादन केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा संकेत
संयोगिता जूदेव ने कहा कि बजट में विनिर्माण क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, बायोफार्मा शक्ति और कैपिटल गुड्स सेक्टर को बढ़ावा देने की घोषणाएं भारत को वैश्विक उत्पादन केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक होंगी।
उन्होंने बताया कि एमएसएमई क्षेत्र के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के SME ग्रोथ फंड की घोषणा छोटे और मध्यम उद्योगों को वित्तीय मजबूती प्रदान करेगी, जिससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
12.2 लाख करोड़ के पूंजीगत व्यय से बुनियादी ढांचे को मिलेगी नई गति
भाजपा मीडिया पैनलिस्ट ने पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किए जाने को ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि इससे सड़क, रेल, ऊर्जा और शहरी विकास से जुड़ी परियोजनाओं को तेजी मिलेगी और देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी।
ऊर्जा क्षेत्र में कार्बन कैप्चर तकनीक और सिटी इकोनॉमिक रीजन की योजना को उन्होंने भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बताया।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने पर विशेष फोकस
संयोगिता जूदेव ने कहा कि बजट में कृषि क्षेत्र को भी विशेष महत्व दिया गया है। उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा, एग्रीस्टैक और एआई आधारित ‘भारत-विस्तार’ टूल किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन और कृषि मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थायित्व और संबल मिलेगा।
महिला, युवा और दिव्यांगजनों के लिए समावेशी योजनाओं का व्यापक खाका
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समावेशन पर बात करते हुए संयोगिता जूदेव ने कहा कि हर जिले में महिला छात्रावास, ‘शी-मार्ट’ और दिव्यांगजनों के लिए कौशल विकास योजनाएं समावेशी विकास का सशक्त उदाहरण हैं। इससे समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी।
गरीब, किसान, मजदूर, युवा और महिलाओं को केंद्र में रखकर तैयार किया गया सशक्त बजट
अंत में संयोगिता जूदेव ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026–27 गरीब, किसान, मजदूर, युवा और महिलाओं को केंद्र में रखकर तैयार किया गया एक मजबूत और संतुलित दस्तावेज है। यह बजट भारत को समृद्ध, मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।















































