सक्ती। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026–27 को देश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने, व्यापक रोजगार सृजन करने और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त करने वाला बजट बताते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष टिकेश्वर गबेल ने इसकी खुलकर सराहना की है।
उन्होंने कहा कि यह बजट आमजन, किसान, युवा, महिलाएं और उद्योग जगत—सभी वर्गों की आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया एक दूरदर्शी और संतुलित बजट है, जो देश को आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत बनाएगा।
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास और आवास योजनाओं को मिला विशेष संबल
जिलाध्यक्ष टिकेश्वर गबेल ने बताया कि बजट में छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए केंद्र सरकार द्वारा 8 लाख आवासों के निर्माण में अपने हिस्से को बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। इससे राज्य के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि किसानों को डिजिटल रजिस्ट्री से जोड़ने के लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन को तेज़ी से लागू किया जाएगा, जिससे कृषि से जुड़े लाभ सीधे किसानों तक पहुंच सकेंगे।
रेल, सड़क, स्वास्थ्य और परिवहन पर जोर, बस्तर-सरगुजा को मिला अतिरिक्त आवंटन
टिकेश्वर गबेल ने कहा कि बजट में रेल, सड़क, स्वास्थ्य और परिवहन जैसे बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया गया है। ई-बस सेवा का विस्तार किया जाएगा, जिससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधाएं बेहतर होंगी।
उन्होंने बताया कि बस्तर और सरगुजा क्षेत्र की सड़कों के लिए अतिरिक्त आवंटन किया गया है। साथ ही जनजातीय स्कूलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाओं और खेल हब के विकास का प्रावधान युवाओं के लिए नई संभावनाएं खोलेगा।
विनिर्माण और औद्योगिक विकास को मिली नई रफ्तार
जिलाध्यक्ष ने कहा कि बजट में आर्थिक सुधारों पर विशेष जोर दिया गया है। विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती देने के लिए बायोफार्मा शक्ति, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और कैपिटल गुड्स को प्रोत्साहित करने की योजनाएं शुरू की गई हैं।
उन्होंने कहा कि रेयर अर्थ और केमिकल पार्क की स्थापना से देश की औद्योगिक क्षमता बढ़ेगी और आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी।
कपड़ा और MSME सेक्टर से लाखों रोजगार के अवसर
टिकेश्वर गबेल ने बताया कि कपड़ा क्षेत्र में रोजगार सृजन के लिए 5-सूत्रीय कार्यक्रम, टेक्सटाइल क्लस्टर विकास और टेक्स-इको पहल शुरू की गई हैं, जिससे लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा।
एमएसएमई सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपये का ग्रोथ फंड और नए क्रेडिट उपाय छोटे उद्योगों को नई मजबूती प्रदान करेंगे।
12.2 लाख करोड़ का पूंजीगत व्यय, इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी नई गति
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव बुनियादी ढांचे के विकास को नई दिशा देगा। ऊर्जा क्षेत्र में कार्बन कैप्चर तकनीक और शहरी विकास के लिए सिटी इकोनॉमिक रीजन की योजना भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि में बड़े सुधारों का खाका
जिलाध्यक्ष टिकेश्वर गबेल ने कहा कि बजट में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में नए आयुष्मान स्वास्थ्य केंद्र, क्षेत्रीय मेडिकल हब, डिजिटल शिक्षा और खेलो इंडिया जैसी योजनाएं आम नागरिकों की जीवन गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाएंगी।
कृषि क्षेत्र में नारियल, चंदन, कोको और काजू जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा। किसानों के लिए एग्रीस्टैक और आईसीएआर पैकेज को एकीकृत करने वाला एआई टूल ‘भारत-विस्तार’ लॉन्च किया जाएगा। मत्स्य पालन मूल्य श्रृंखला को भी मजबूत किया जाएगा।
महिला और दिव्यांग सशक्तिकरण पर विशेष फोकस
उन्होंने बताया कि देश के हर जिले में महिला छात्रावास बनाए जाएंगे। ग्रामीण महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए ‘शी-मार्ट’ की स्थापना की जाएगी।
दिव्यांगजनों के लिए आईटी और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में रोजगार के अवसर सृजित करने हेतु ‘दिव्यांगजन कौशल योजना’, सहायक उपकरणों की उपलब्धता के लिए ‘दिव्यांग सहारा योजना’ और तेंदूपत्ता संग्रहण सहित कई बड़ी योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया है।
गरीब-किसान-युवा-महिलाओं को केंद्र में रखकर तैयार ऐतिहासिक बजट
अंत में जिलाध्यक्ष टिकेश्वर गबेल ने कहा कि कुल मिलाकर केंद्रीय बजट 2026–27 गरीब, किसान, मजदूर, युवा और महिलाओं को केंद्र में रखकर तैयार किया गया एक सशक्त और दूरदर्शी बजट है। यह बजट देश को चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से आगे ले जाने की दिशा में ऐतिहासिक साबित होगा।














































