सुकमा और बीजापुर में डीआरजी जवानों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात नक्सली कमांडर सचिन मंगडू समेत 14 माओवादियों को ढेर कर दिया। मुठभेड़ में AK-47 और INSAS हथियार बरामद हुए। यह कार्रवाई नक्सली नेटवर्क के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।
सुकमा और बीजापुर जिलों में सुरक्षाबलों ने नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। कोन्टा और किस्टाराम के जंगलों में हुए भीषण मुठभेड़ में डीआरजी के जवानों ने कुख्यात नक्सली कमांडर सचिन मंगडू समेत कुल 14 नक्सलियों को मार गिराया है। मारे गए नक्सलियों में वे कमांडर भी शामिल हैं, जो ASP आकाश राव गिरपूंजे की हत्या में संलिप्त थे। इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी सुकमा एसपी किरण चव्हाण द्वारा की जा रही थी।
हथियारों का जखीरा बरामद, सर्च ऑपरेशन जारी
मुठभेड़ स्थल से सुरक्षाबलों ने AK-47 और INSAS जैसी ऑटोमैटिक राइफलें बरामद की हैं। जवानों ने इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है, ताकि किसी भी नक्सली की मौजूदगी को पूरी तरह खत्म किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई नक्सली नेटवर्क की रीढ़ तोड़ने में अहम साबित होगी।
बीजापुर में भी दो नक्सली ढेर, सुरक्षा बल सतर्क
इसी कड़ी में बीजापुर जिले के दक्षिणी क्षेत्र में भी डीआरजी और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें दो माओवादियों को मार गिराया गया। सुबह से रुक-रुक कर चली गोलीबारी के बाद जवानों ने इलाके पर नियंत्रण हासिल कर लिया। बीजापुर एसपी डॉ. जितेंद्र यादव ने मुठभेड़ की पुष्टि की है और कहा है कि अभियान अभी जारी है।
सरेंडर के बाद बढ़ा दबाव, कमजोर पड़ा नक्सली नेटवर्क
नक्सली कमांडर बारसे देवा के आत्मसमर्पण के बाद यह कार्रवाई नक्सल संगठन पर दोहरा दबाव मानी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि लगातार हो रही कार्रवाइयों से नक्सलियों का मनोबल टूट रहा है और आने वाले दिनों में और भी सफलताएं मिल सकती हैं।














































