ग्वालियर व्यापार मेला शुरू होने वाला है। हर साल की तरह इस बार भी लोग मेले में मिलने वाली छूट का फायदा उठाकर नई कार खरीदने की तैयारी में हैं, लेकिन इस बार शहर की बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए पर्यावरण प्रेमी और जागरूक खरीदारों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
ग्वालियर का एक्यूआइ (वायु गुणवत्ता सूचकांक) अक्सर 100 के पार रहता है, जबकि सर्दियों में यह ‘खराब श्रेणी’ में पहुंचकर स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित होता है। ऐसे में शहर में सांस लेना भी कई बार मुश्किल हो जाता है।
कार एक्सपर्ट साजिद हुसैन का कहना है कि ‘मेला हो या सामान्य दिन, कार खरीदते समय सिर्फ कीमत और माइलेज ही नहीं, उत्सर्जन मानक यानी वाहन से निकलने वाले धुएं के स्तर पर विशेष ध्यान देना चाहिए।’ उन्होंने बताया कि सही मॉडल चुनने से खरीदार ईंधन की बचत के साथ प्रदूषण कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
कार चुनने में इन बातों का रखें ध्यान
आधुनिक प्रदूषण नियंत्रण इंतजाम
आज कार कंपनियां ऐसे मॉडल बना रही हैं, जिनमें उत्सर्जन को नियंत्रित करने के आधुनिक उपाय मौजूद हों। वाहन खरीदते समय यह जरूर सुनिश्चित करें कि कार बीएस-6 उत्सर्जन मानकों का पूरी तरह पालन करती हो। यह टेक्नोलॉजी धुएं में हानिकारक तत्वों की मात्रा को काफी कम करती है।
ईंधन के आधार पर प्रदूषण का स्तर
कार द्वारा किया जाने वाला प्रदूषण ईंधन के चयन पर भी निर्भर करता है। इसलिए खरीदारों को अपनी जरूरत के साथ-साथ पर्यावरण के हित का भी ख्याल रखना चाहिए।
सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन बेहतर विकल्प
मेले में उपलब्ध सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन पर्यावरण के नजरिए से सबसे उपयुक्त हैं। इलेक्ट्रिक वाहन जहां शून्य उत्सर्जन करते हैं, वहीं सीएनजी कारों में भी प्रदूषण काफी कम होता है।
पेट्रोल बनाम डीजल
पारंपरिक ईंधन वाली कारों में डीजल कारें आमतौर पर अधिक प्रदूषण फैलाती हैं। आधुनिक तकनीक से लैस पेट्रोल कारें तुलनात्मक रूप से कम प्रदूषण करती हैं, इसलिए यह विकल्प बेहतर साबित हो सकता है।
हाइब्रिड टेक्नोलॉजी का लाभ
हाइब्रिड कारें कम ईंधन खर्च करते हुए बेहतर माइलेज और कम उत्सर्जन प्रदान करती हैं। पर्यावरण की दृष्टि से यह भविष्य का व्यावहारिक विकल्प मानी जा रही हैं।















































