Education News: 10वीं-12वीं के रिजल्ट सुधारने में जुटा शिक्षा विभाग, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने बनाई रणनीति

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कमजोर विद्यार्थियों के लिए लगेंगी अतिरिक्त कक्षाएं, मेधावी छात्रों को मेरिट सूची में लाने पर विशेष जोर

रायगढ़। जिले में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने और कक्षा 10वीं एवं 12वीं के बोर्ड परीक्षा परिणाम बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग को ठोस कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने जिला शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा करते हुए कमजोर छात्रों को बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करने और मेधावी विद्यार्थियों को राज्य स्तरीय मेरिट सूची में स्थान दिलाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा।

त्रैमासिक परीक्षा परिणामों के आधार पर बनेगी कार्ययोजना

कलेक्टर ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के परीक्षा परिणामों में सुधार को प्राथमिकता देते हुए त्रैमासिक परीक्षाओं के परिणामों का विस्तृत विश्लेषण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनुत्तीर्ण और कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनकी शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप विशेष कार्ययोजना बनाई जाए, ताकि समय रहते उनकी पढ़ाई में सुधार लाया जा सके।

कमजोर विद्यार्थियों के लिए मेंटर शिक्षक और अतिरिक्त कक्षाएं

विद्यार्थियों की शैक्षणिक समस्याओं को दूर करने के लिए कलेक्टर ने कमजोर छात्रों के लिए मेंटर शिक्षक नियुक्त करने और अतिरिक्त रेमेडियल कक्षाएं संचालित करने पर जोर दिया। इसके साथ ही महत्वपूर्ण प्रश्नों की श्रृंखला तैयार कर विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास कराने के निर्देश दिए गए।

इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों की विषय संबंधी कमजोरियों को दूर करना, उनकी समझ विकसित करना और बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करना है।

मेधावी विद्यार्थियों को मेरिट सूची में लाने पर जोर

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की क्षमता के अनुरूप मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाना चाहिए। जहां कमजोर विद्यार्थियों को अतिरिक्त सहायता देने की जरूरत है, वहीं मेधावी छात्रों की प्रतिभा को और निखारने के लिए विशेष कक्षाएं संचालित की जाएं।

उन्होंने विद्यार्थियों को राज्य स्तरीय मेरिट सूची में स्थान दिलाने के उद्देश्य से योजनाबद्ध तैयारी कराने और उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग को गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।

बेहतर परिणाम के लिए नियमित होगी शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा

जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए विद्यार्थियों की पढ़ाई, परीक्षा परिणामों और कमजोरियों पर लगातार नजर रखने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। त्रैमासिक परीक्षा के परिणामों के आधार पर तैयार की जाने वाली कार्ययोजना और नियमित अभ्यास से विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति में सुधार लाने का लक्ष्य रखा गया है।

शिक्षा विभाग के सामने अब कमजोर विद्यार्थियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करने के साथ-साथ मेधावी छात्रों को राज्य की मेरिट सूची तक पहुंचाने की चुनौती है।

Amit sahu
Author: Amit sahu

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