रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि करमा तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपरा, आस्था और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का अनुपम प्रतीक है। यह पर्व हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने के साथ प्रकृति संरक्षण, सामाजिक एकता और सामूहिकता का महत्वपूर्ण संदेश देता है।
मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज युवा प्रभाग महानगर इकाई द्वारा आयोजित भव्य करमा परब महोत्सव को संबोधित कर रहे थे।
सांस्कृतिक विरासत को सहेजना समाज की वास्तविक शक्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय के बीच कंवर समाज ने अपनी सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और रीति-रिवाजों को सहेजकर नई पीढ़ी के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहना ही किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति है।
प्रकृति संरक्षण और सामाजिक एकता का संदेश देता है करमा तिहार
मुख्यमंत्री ने करमा तिहार के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह पर्व केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि प्रकृति के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का भी प्रतीक है। यह समाज में आपसी सद्भाव, एकता और सामूहिक सहभागिता की भावना को मजबूत करता है।
नई पीढ़ी तक पहुंचे परंपराओं की विरासत
करमा परब महोत्सव जैसे आयोजन जनजातीय समाज की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखने और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर समाज अपनी विशिष्ट पहचान को बनाए रख सकता है।






























