मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में योजनाओं और विकास कार्यों की जमीनी प्रगति की समीक्षा की, कलेक्टरों को समय-सीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की सफलता तभी मानी जाएगी, जब उनका लाभ समय पर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और योजनाओं का असर जमीन पर स्पष्ट दिखाई दे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी और लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में पारस पोर्टल के माध्यम से आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में विभिन्न विभागों की प्रमुख योजनाओं, अधोसंरचना परियोजनाओं और जनसेवाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कलेक्टरों से ली जानकारी
मुख्यमंत्री साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों के कलेक्टरों से योजनाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं की केवल कागजी प्रगति पर्याप्त नहीं है। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे और विकास कार्यों का प्रत्यक्ष प्रभाव दिखाई दे।
पारस पोर्टल से होगी नियमित निगरानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पारस पोर्टल के माध्यम से योजनाओं और विकास कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है। इसका उद्देश्य केवल कार्यों की प्रगति देखना नहीं, बल्कि किसी योजना या परियोजना के अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ने के कारणों की पहचान कर समय रहते उनका समाधान करना भी है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक सभी अधिकारी पारस पोर्टल का उपयोग परिणाम आधारित प्रशासन के प्रभावी माध्यम के रूप में करें।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्तमान समय में कई विकास परियोजनाओं के लिए एक से अधिक विभागों की अनुमति, सहभागिता या सहयोग की आवश्यकता होती है। ऐसे मामलों में विभागों को अलग-अलग स्तर पर काम करने के बजाय आपसी समन्वय के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बेहतर अंतर्विभागीय समन्वय से परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर किया जा सकता है। इससे कार्यों की गुणवत्ता में सुधार के साथ अनावश्यक देरी कम होगी और समय एवं लागत की भी बचत होगी।
समस्याओं की समय रहते पहचान कर समाधान के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं की पहचान शुरुआती स्तर पर ही की जाए। संबंधित विभाग और जिला प्रशासन आपसी समन्वय से इन समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें, ताकि विकास कार्यों की गति प्रभावित न हो।
उन्होंने दोहराया कि सरकार की योजनाओं का अंतिम उद्देश्य आम जनता को समय पर लाभ पहुंचाना है और इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही एवं बेहतर समन्वय आवश्यक है।






























