रायगढ़ : ढाई घंटे में दो सड़क हादसे, दो मौतों ने खोली बदहाल यातायात व्यवस्था की पोल

SHARE:

ढिमरापुर में कीचड़ के बीच स्कूटी फिसली, भारी वाहन की चपेट में महिला की मौत; कोतरा रोड ओवरब्रिज पर ट्रक ने ली बुजुर्ग की जान

रायगढ़। औद्योगिक नगरी रायगढ़ में रविवार को हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों ने शहर की यातायात व्यवस्था और सड़कों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। महज करीब ढाई घंटे के अंतराल में दो दुर्घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। लगातार हुए हादसों के बाद लोगों में आक्रोश देखने को मिला और कोतरा रोड पर शव रखकर चक्काजाम तक करना पड़ा।

ढिमरापुर में सड़क के कीचड़ ने ली जान

रविवार को पहली दुर्घटना ढिमरापुर चौक के पास हुई। बताया गया कि 55 वर्षीय नंदकुमारी सिंह स्कूटी से जा रही थीं। इसी दौरान सड़क पर मौजूद कीचड़ के कारण स्कूटी फिसल गई और वह सड़क पर गिर गईं। इसी बीच वहां से गुजर रहे भारी वाहन की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे ने सड़क की स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

कोतरा रोड ओवरब्रिज पर ट्रक की टक्कर

पहली घटना के कुछ समय बाद कोतरा रोड ओवरब्रिज पर दूसरा बड़ा हादसा हुआ। यहां 70 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक खूबचंद नायक अपनी पत्नी के साथ बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी।

हादसे में खूबचंद नायक की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायल महिला को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

दो मौतों के बाद सड़क पर उतरे लोग

एक ही दिन में दो हादसों और दो मौतों के बाद स्थानीय लोगों का आक्रोश सामने आया। लोगों ने कोतरा रोड ओवरब्रिज पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। उनका कहना था कि शहर के इस प्रमुख मार्ग पर सड़क की स्थिति और भारी वाहनों की आवाजाही लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई है।

लोगों के मुताबिक ढिमरापुर से कोतरा रोड ओवरब्रिज तक का मार्ग बेहद व्यस्त है और यहां आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस मार्ग पर हर कुछ दिनों में सड़क हादसे की स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

सड़क और यातायात व्यवस्था पर उठे सवाल

रविवार की घटनाओं ने रायगढ़ की सड़क और यातायात व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। एक ओर सड़क पर कीचड़ और दूसरी ओर तेज रफ्तार भारी वाहनों की आवाजाही दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा रही है। लोगों का सवाल है कि लगातार हादसों के बावजूद संवेदनशील स्थानों पर यातायात नियंत्रण, सड़क सुधार और सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम कब किए जाएंगे।

दो अलग-अलग हादसों में दो लोगों की जान जाने के बाद शहरवासियों में शोक के साथ-साथ नाराजगी भी देखने को मिल रही है।

Amit sahu
Author: Amit sahu

Leave a Comment