नई दिल्ली। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय वर्ल्ड लीडर्स फोरम में वैश्विक आर्थिक जगत की प्रमुख हस्तियों के सामने छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रगति, निवेश की संभावनाओं और भविष्य के विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पारंपरिक औद्योगिक और खनिज आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़ते हुए युवा शक्ति, नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप, ग्रीन एनर्जी और आधुनिक विनिर्माण पर केंद्रित नई अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है।
निवेश को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल बड़े निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि निवेश को रोजगार, उद्यमिता, बेहतर आय और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवा केवल रोजगार तलाशने वाले न रहें, बल्कि अपने नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करें।
फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन सहित भारत और विश्व की कई प्रमुख हस्तियां शामिल हो रही हैं।
6.31 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था, 11.57 प्रतिशत विकास दर
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का आकार करीब 6.31 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। राज्य की आर्थिक वृद्धि दर 11.57 प्रतिशत रही, जबकि प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1 लाख 79 हजार 244 रुपये हो गई है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के लिए सरकार ने विकास और जनकल्याण को समान प्राथमिकता दी है। वर्ष 2026-27 के 1.72 लाख करोड़ रुपये के बजट में अधोसंरचना, पूंजीगत व्यय और सामाजिक कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है।
नई औद्योगिक नीति के बाद 8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30, वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जुड़े सुधारों के जरिए निवेश प्रक्रियाओं को सरल और समयबद्ध बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में 450 से अधिक प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया है। नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद प्रदेश को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
स्टील, सीमेंट और खनिज आधारित उद्योगों के साथ अब सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, एआई, डेटा सेंटर, फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाएं विकसित की जा रही हैं।
2030 तक 5 हजार स्टार्टअप का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई अर्थव्यवस्था के केंद्र में युवा हैं। सरकार का लक्ष्य युवाओं को ‘जॉब सीकर’ से ‘जॉब क्रिएटर’ बनाना है।
प्रदेश में वर्ष 2030 तक 5 हजार स्टार्टअप विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। नए उद्यमियों को अभिनव विचारों को व्यवसाय में बदलने के लिए 10 लाख रुपये तक सीड फंड सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। तकनीक, नवाचार, कौशल और बाजार से युवाओं को जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है।
6 लाख विद्यार्थियों को एआई प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री साय ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को प्रदेश के भविष्य के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख शासकीय कर्मचारियों को एआई प्रशिक्षण देने की योजना है। नागरिकों को बेहतर और त्वरित सेवाएं देने के लिए 50 से अधिक एआई आधारित सरकारी सेवाएं विकसित करने का लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि एआई का उद्देश्य केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर तथा सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाना है।
500 करोड़ का एआई मिशन, नवा रायपुर में डेटा सेंटर पार्क
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ रुपये के राज्य एआई मिशन पर काम किया जा रहा है। इसके तहत 100 एआई डेटा लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। साथ ही 300 से अधिक एआई स्टार्टअप्स को सहयोग देने का लक्ष्य है।
नवा रायपुर में करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से एआई डेटा सेंटर पार्क विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इससे छत्तीसगढ़ को देश के उभरते डिजिटल और एआई इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण स्थान मिलने के साथ युवाओं के लिए नई पीढ़ी के रोजगार के अवसर भी तैयार होंगे।
बस्तर में विकास और निवेश के नए अवसर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बदलता हुआ बस्तर छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण अध्याय है। सुरक्षा की स्थिति में सुधार के बाद बस्तर में विकास, निवेश, रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बस्तर को केवल संसाधनों के क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि स्थानीय प्रतिभा, पर्यटन, कृषि, वनोपज, उद्यमिता और रोजगार के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।






























