रायगढ़। रायगढ़ विधायक एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने फेसबुक लाइव के माध्यम से पिछले 72 घंटों के दौरान महानदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की स्थिति पर जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि समय रहते की गई तैयारी, राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और प्रशासन की सक्रियता से संभावित बाढ़ संकट को टालने में सफलता मिली।
हीराकुंड डैम के 22 गेट चरणबद्ध तरीके से खोले गए
ओपी चौधरी ने बताया कि लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए उन्होंने ओडिशा सरकार के अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हीराकुंड डैम के पहले 2, फिर 10 और बाद में 10 गेट, यानी कुल 22 गेट चरणबद्ध तरीके से खोले गए, जिससे जल प्रबंधन बेहतर हुआ और बाढ़ का खतरा काफी हद तक कम हो गया।
तीन जिलों के अधिकारियों के साथ की समीक्षा
उन्होंने बताया कि रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और सक्ती जिलों के कलेक्टर, एसपी, जिला पंचायत सीईओ तथा जनप्रतिनिधियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लगातार स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही गंगरेल और बांगो डैम के कैचमेंट क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश को देखते हुए पहले से आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की गईं।
नुकसान होने पर तत्काल मिलेगा मुआवजा
वित्त मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि तटीय क्षेत्रों में रहने वाले किसी भी परिवार को बाढ़ से नुकसान हुआ है तो राजस्व नियमों के तहत तत्काल मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि साय सरकार हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़ी है और नुकसान की भरपाई प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी।
लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की अपील
ओपी चौधरी ने कहा कि यदि भविष्य में हीराकुंड, गंगरेल और बांगो डैम के कैचमेंट क्षेत्रों में भारी वर्षा होती है तो स्थिति बदल सकती है। उन्होंने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने, प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।














































