विदेशी फंडिंग पर ED का बड़ा खुलासा, छत्तीसगढ़ की सियासत में संग्राम! 6.5 करोड़ धमतरी-बस्तर में खर्च, BJP-कांग्रेस आमने-सामने

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FCRA रजिस्ट्रेशन पर सवाल, बयानबाजी से गरमाई राजनीति; जांच के दायरे में पूरा नेटवर्क

रायपुर। छत्तीसगढ़ में विदेशी फंडिंग (foreign funding) को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) के ताजा खुलासे ने सियासी हलचल तेज कर दी है। ED के प्रेस नोट के मुताबिक, नक्सल प्रभावित (naxal affected) धमतरी और बस्तर जिलों में एक साल के भीतर करीब 6.5 करोड़ रुपये की फंडिंग हुई, जबकि देशभर में कुल 95 करोड़ रुपये के विदेशी फंडिंग नेटवर्क का पता चला है।

FCRA नियमों पर सवाल, जांच के घेरे में TTI
जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क से जुड़ी संस्था TTI भारत में FCRA (Foreign Contribution Regulation Act) के तहत पंजीकृत नहीं है। यह खुलासा सामने आने के बाद जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ गई है। मुख्यमंत्री ने भी संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर ED आगे और सख्त कार्रवाई कर सकती है।

BJP का हमला, कांग्रेस पर साधा निशाना
मामले को लेकर भाजपा (BJP) ने कांग्रेस (Congress) पर सीधा हमला बोला है। सांसद संतोष पांडे ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस पूरे मामले की कड़ी जांच होनी चाहिए। उन्होंने इसे पिछली कांग्रेस सरकार से जोड़ते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंद कुमार बघेल पर भी सवाल उठाए और तंज कसा कि इसी वजह से ED की कार्रवाई को पहले रोका गया।

कांग्रेस का पलटवार, ‘देशद्रोह’ तक पहुंची बयानबाजी
वहीं, कांग्रेस की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने पलटवार करते हुए कहा कि अगर संतोष पांडे को पहले से जानकारी थी, तो उन्होंने कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने यहां तक कहा कि इस तरह के गंभीर आरोप लगाने पर उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज होना चाहिए।

पहले भी उठते रहे हैं ऐसे सवाल
यह मुद्दा पहली बार नहीं उठा है। इससे पहले भी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में धर्मांतरण और विदेशी फंडिंग को लेकर आरोप लगते रहे हैं। हालांकि, कई मामलों में शुरुआती जांच के दावे हुए, लेकिन पूरी तस्वीर अब तक साफ नहीं हो पाई है।

अब नजर जांच के निष्कर्ष पर
ED के इस खुलासे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार विदेशी फंडिंग के पूरे नेटवर्क का सच सामने आ पाएगा। फिलहाल, जांच जारी है और सियासी बयानबाजी के बीच इस मामले पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

Amit sahu
Author: Amit sahu

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