रायपुर। छत्तीसगढ़ में विद्युत संविदा कर्मचारी (contract employees) लंबे समय से नियमितीकरण और विभाग में रिक्त पदों पर समायोजन की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि कई बार मांगों को सरकार और विभागीय अधिकारियों के सामने रखने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी के विरोध में संविदा कर्मचारियों ने एक बार फिर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।
22 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल की तैयारी
संविदा कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, मांगों पर लगातार अनदेखी किए जाने के कारण अब 22 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि यह फैसला मजबूरी में लिया गया है, क्योंकि लंबे समय से आश्वासन तो मिले, लेकिन समाधान नहीं।
नियमितीकरण और समायोजन प्रमुख मांग
कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि वर्षों से सेवा दे रहे संविदा कर्मियों को नियमित किया जाए और विभाग में खाली पड़े पदों पर प्राथमिकता के आधार पर समायोजित किया जाए। उनका कहना है कि वे लगातार बिजली व्यवस्था को सुचारु रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं, इसलिए उनके भविष्य को सुरक्षित किया जाना चाहिए।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
संविदा कर्मचारियों ने साफ कहा है कि यदि सरकार ने समय रहते सकारात्मक पहल नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। हड़ताल की स्थिति में बिजली सेवाओं पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।















































