सक्ती | 27 मार्च 2026 |
ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए कलेक्टर का बड़ा निर्णय
Sakti में आगामी गर्मी और पेयजल संकट की आशंका को देखते हुए कलेक्टर Amrit Vikas Topno ने पूरे जिले को 1 अप्रैल 2026 से 15 जुलाई 2026 तक ‘जल अभाव ग्रस्त क्षेत्र’ घोषित किया है।
यह निर्णय छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के तहत लिया गया है, जिसका उद्देश्य जिले में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
नए नलकूप खनन पर प्रतिबंध, अनुमति अनिवार्य
आदेश के अनुसार इस अवधि में किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के नया नलकूप (बोरवेल) नहीं खोदा जा सकेगा, चाहे वह पेयजल हेतु हो या अन्य प्रयोजन के लिए।
इन विभागों को मिली छूट
- लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (Public Health Engineering Department Chhattisgarh) को पूरे जिले में छूट दी गई है
- नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों को केवल पेयजल कार्य हेतु अपने क्षेत्रों में नलकूप खनन की अनुमति रहेगी
लेकिन उन्हें इसकी जानकारी प्राधिकृत अधिकारी को देनी होगी।
अनुविभागीय अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
नलकूप खनन अनुमति के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व)
- सक्ती
- डभरा
- मालखरौदा
को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है।
आवेदन प्रक्रिया और शुल्क
इच्छुक आवेदक संबंधित एसडीएम कार्यालय में मात्र ₹2 शुल्क जमा कर आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं।
आवेदन के बाद 10 दिनों के भीतर जांच कर अनुमति जारी की जाएगी।
उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था बिना अनुमति नलकूप खनन करती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जनहित में फैसला, जल संरक्षण पर जोर
प्रशासन ने यह कदम जल संरक्षण और गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से बचाव के उद्देश्य से उठाया है।















































