Jagdalpur: चार महिला सहित छह नक्सलियों ने कांकेर पुलिस के सामने किया आत्मसमर्पण, कई और कर सकते सरेंडर

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 कांकेर और राजनांदगांव सीमा पर मुठभेड़ के बाद छह नक्सलियों ने हथियार सहित आत्मसमर्पण किया। उन्होंने पुनर्वास नीति अपनाई। पुलिस ने अन्य नक्सलियों से भी अपील की है।

कांकेर व राजनांदगांव की सीमा में दो दिनों से हो रही मुठभेड़ के बाद पांच कैडरों ने नक्सलियों की खोखली विचारधारा से त्रस्त होकर अपने हथियार लेकर आत्मसमर्पण कर दिए। नक्सलियों ने अपने साथ हथियार भी जमा करवाए हैं।

बता दें कि कांकेर जिला अंतर्गत विगत दो दिनों में राजनांदगांव कांकेर बॉर्डर डिवीजन के पांच नक्सली कैडर एवं मिलिट्री कंपनी-5 के एक कैडर ने नक्सलियों का साथ छोड़ते हुए मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लिया था, जिसके बाद एसीएम मंगेश पोडियमी, एसीएम गणेश वीके, एसीएम मंगती जुर्री, एसीएम हिडमे मरकाम उर्फ सुनीता, एसीएम राजे, पीपीसीएम स्वरूपा उसेंडी, पीएलजीए कंपनी-05 ने तीन हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया है, जिसमें एक एसएलआर तथा दो 303 राइफल शामिल हैं।
नक्सलियों ने बताया कि शासन की पुनर्वास नीति के तहत और भी नक्सली हैं जो मुख्यधारा में आना चाहते हैं, वहीं इलाके में सक्रिय अन्य नक्सली कैडरों से चर्चा कर उन्हें भी मुख्यधारा में शामिल कराने के प्रयास जारी हैं। ये सभी छह नक्सली कैडर, जिन्होंने पुनर्वास का मार्ग चुना है, उनके सामाजिक मुख्यधारा में आने व हथियारों की सुपुर्दगी भी की गई।

बस्तर रेंज आईजी सुन्दरराज पट्टलिंगम ने एक बार फिर शेष बचे कुछ नक्सली कैडरों से हिंसा त्यागकर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील दोहराई है, उन्होंने कहा कि जो कैडर शांतिपूर्ण एवं सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आगे आएंगे, उन्हें पुनर्वास नीति के अंतर्गत सभी प्रकार की सहायता प्रदान की जाएगी, सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर पिछले 26 महीनों में 2700 से अधिक नक्सली कैडर मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं। 

Amit sahu
Author: Amit sahu

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