जैसलमेर, 28 फरवरी 2026: देश की राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को स्वदेशी लाइट कांबैट हेलिकॉप्टर प्रचंड में को-पायलट के रूप में उड़ान भरते हुए इतिहास रच दिया। वे इस अत्याधुनिक लड़ाकू हेलिकॉप्टर में उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बन गई हैं।
राष्ट्रपति ने जैसलमेर वायु सेवा स्टेशन पहुंचकर अधिकारियों से हेलिकॉप्टर की क्षमताओं और मिशन प्रोफाइल के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने पायलट यूनिफार्म पहनकर कॉकपिट में बैठी और ग्रुप कैप्टन एन. एस. बहुआ के साथ उड़ान भरी।
उड़ान के दौरान राष्ट्रपति ने सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर के रूप में उपस्थित जवानों और अधिकारियों का हेलिकॉप्टर से सैल्यूट स्वीकार किया। उनके साथ दूसरे हेलिकॉप्टर में एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह भी मौजूद रहे।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि प्रचंड हेलिकॉप्टर आत्मनिर्भर भारत का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने इस उड़ान के माध्यम से देशवासियों को संदेश दिया कि स्वदेशी तकनीक और आधुनिक हथियार प्रणाली देश की सुरक्षा को मजबूत कर रही है।
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा निर्मित इस हेलिकॉप्टर में राष्ट्रपति ने देश की सबसे बड़ी फील्ड फायरिंग रेंज और परमाणु परीक्षण स्थल का हवाई मुआयना भी किया। जैसलमेर में आयोजित वायु शक्ति युद्ध अभ्यास में वे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुई थीं।
इस ऐतिहासिक उड़ान ने न सिर्फ स्वदेशी रक्षा तकनीक की शक्ति दिखाई, बल्कि देश की महिला नेतृत्व क्षमता और सशक्त राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका को भी उजागर किया।














































