छत्तीसगढ़ में विधानसभा सत्र को लेकर सख्ती: अधिकारियों-कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिबंध

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छत्तीसगढ़ विधानसभा के अष्टम सत्र के मद्देनजर कलेक्टर ने जारी किए कड़े निर्देश, सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को मुख्यालय में अनिवार्य उपस्थिति के आदेश


23 फरवरी 2026 से शुरू हो रहे षष्ठम् विधानसभा के अष्टम सत्र को लेकर प्रशासनिक सतर्कता बढ़ाई गई

छत्तीसगढ़ की षष्ठम् विधानसभा का अष्टम सत्र 23 फरवरी 2026 से प्रारंभ हो रहा है। सत्र की संवेदनशीलता और प्रशासनिक तैयारियों को ध्यान में रखते हुए सक्ती जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। सत्र अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की प्रशासनिक ढिलाई न हो, इसके लिए अवकाश व्यवस्था पर सख्त नियंत्रण लगाया गया है।


कलेक्टर अमृत विकास तोपनो का स्पष्ट आदेश—सत्र समाप्ति तक कोई अवकाश स्वीकृत नहीं

कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने आदेश जारी कर सत्र के अवसान तक जिले के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। निर्देशानुसार कोई भी अधिकारी या कर्मचारी किसी भी प्रकार के अवकाश पर प्रस्थान नहीं करेगा और सभी को अपने निर्धारित मुख्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना होगा।


विभाग प्रमुखों को भी सख्त हिदायत—अधीनस्थों का अवकाश स्वीकृत न करें

जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कार्यालय प्रमुख अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अवकाश स्वीकृत नहीं करेंगे। यदि अत्यंत अपरिहार्य परिस्थिति में अवकाश की आवश्यकता होती है, तो संबंधित प्रकरण कलेक्टर, सक्ती की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। बिना सक्षम अनुमति के किसी भी प्रकार का अवकाश मान्य नहीं होगा।


सभी अधिकारी-कर्मचारी मोबाइल पर उपलब्ध रहें, प्रशासनिक तत्परता सुनिश्चित करने पर जोर

प्रशासन ने यह भी निर्देशित किया है कि सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने मोबाइल नंबर पर निरंतर उपलब्ध रहना सुनिश्चित करें, ताकि विधानसभा सत्र के दौरान आवश्यक सूचनाओं और निर्देशों का त्वरित पालन हो सके।

जिला प्रशासन के इस निर्णय को विधानसभा सत्र की गंभीरता और प्रशासनिक अनुशासन को बनाए रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

Amit sahu
Author: Amit sahu

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