चंद्रखुरी, रायपुर। छत्तीसगढ़ के चंद्रखुरी में माता कौशल्या धाम परिसर में स्थापित प्रभु श्री राम की 51 फीट ऊंची प्रतिमा को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। यह प्रतिमा पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में स्थापित की गई थी, लेकिन प्रतिमा की बनावट पारंपरिक और सर्वमान्य स्वरूप से मेल नहीं खाती थी।
सरकार ने प्रतिमा को हटाकर नई प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय लिया। इसके लिए पर्यटन विभाग ने ग्वालियर के मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा को कार्य सौंपा। 70 लाख रुपए में नई मूर्ति तैयार की गई, लेकिन भुगतान न होने पर मूर्तिकार ने मूर्ति देने से इनकार कर दिया। विवाद बढ़ने पर सरकार ने मूर्तिकार से बातचीत की और अब वह प्रतिमा सौंपने के लिए राजी हो गया है।
इस बीच पूर्व संस्कृति मंत्री ताम्रध्वज साहू ने आपत्ति जताई कि चंद्रखुरी में प्रतिमा धार्मिक विधि-विधान से स्थापित की गई थी, इसलिए इसे दूसरी जगह लगाना अनुचित होगा। वहीं मौजूदा मंत्री राजेश अग्रवाल पूर्व मंत्री की आपत्ति से सहमत नहीं हैं।
भले ही विवाद जारी है, पर्यटन मंडल की टीम ग्वालियर रवाना हो चुकी है, और नई भव्य और दिव्य प्रतिमा को चंद्रखुरी लाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। अब सबकी नजर उस शुभ दिन पर है, जब प्रभु श्री राम की नई प्रतिमा उनके नौनिहाल में स्थापित की जाएगी।














































