रायगढ़ । छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की समय-सीमा को लेकर आम आदमी पार्टी ने सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। पार्टी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि धान खरीदी की तारीख 28 फरवरी तक नहीं बढ़ाई गई और किसानों के घर जाकर किए जा रहे भौतिक सत्यापन पर रोक नहीं लगी, तो प्रदेशव्यापी बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
धान खरीदी और भौतिक सत्यापन को लेकर सरकार पर आरोप
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने रायगढ़ के अम्बेडकर चौक से रैली निकालते हुए नारेबाजी की और कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रदेश के बड़ी संख्या में किसानों के धान खरीदी टोकन नहीं काटे जा रहे, वहीं भौतिक सत्यापन के नाम पर किसानों को मानसिक रूप से प्रताड़ित और अपमानित किया जा रहा है।
एग्रोस्टेक गड़बड़ी और रकबा कटौती का मुद्दा
आम आदमी पार्टी ने कहा कि पूर्व में एग्रोस्टेक सिस्टम में गड़बड़ी और सर्वर डाउन की वजह से लाखों किसानों का रकबा काट दिया गया। इसके बाद किसानों पर दबाव बनाकर जबरन रकबा समर्पण कराया गया। प्रतिदिन धान बिक्री की सीमा तय होने के कारण किसान अपनी पूरी फसल नहीं बेच पा रहे, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
कर्ज और आत्महत्या की आशंका जताई
पार्टी का कहना है कि किसानों ने फसल उत्पादन के लिए लाखों रुपये का कर्ज लिया है। धान नहीं बिकने की स्थिति में प्रदेश के कई किसान आत्महत्या का प्रयास कर चुके हैं। यदि समय रहते धान खरीदी नहीं हुई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
29 जनवरी से धरना, आंदोलन की चेतावनी
आम आदमी पार्टी ने बताया कि इन मांगों को लेकर पार्टी 29 जनवरी से किसानों के साथ चक्रधर नगर स्थित अम्बेडकर प्रतिमा के सामने धरना प्रदर्शन कर रही है। पार्टी ने सरकार से किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने और धान खरीदी की तारीख 28 फरवरी तक बढ़ाने की मांग दोहराई।
रैली में ये रहे शामिल
रैली और ज्ञापन सौंपने के दौरान आम आदमी पार्टी से अमित कुमार, जिला संगठन मंत्री कौशल प्रताप सिंह, आशीष शर्मा, रविकांत पन्ना और भोजराम चौहान प्रमुख रूप से मौजूद रहे।















































