रायगढ़। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय में आयोजित मुख्य समारोह में जिला पंचायत रायगढ़ द्वारा प्रस्तुत विकासपरक झांकी को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि, कृषि एवं जिले के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने जिला पंचायत की टीम को शील्ड और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रविन्द्र गबेल, सीईओ जिला पंचायत अभिजीत बबन पठारे सहित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

कलात्मक उत्कृष्टता और विषय की स्पष्टता के लिए सराहना
निर्णायक मंडल ने झांकी को कलात्मक उत्कृष्टता, विषय की स्पष्टता और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ माना। झांकी ने ग्रामीण विकास की संकल्पना को जीवंत रूप में प्रस्तुत करते हुए आम नागरिकों को गहराई से प्रभावित किया।
‘लखपति दीदी’ और महिला सशक्तिकरण पर जोर
झांकी का मुख्य आकर्षण ‘लखपति दीदी’ का अष्टभुजी मॉडल रहा, जिसमें दिखाया गया कि किस प्रकार स्व-सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाएं आजीविका संवर्धन के माध्यम से वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक अर्जित कर रही हैं। यह मॉडल महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के दृष्टिकोण से सराहा गया।
आदर्श ग्रामसभा और सरकारी योजनाओं का प्रभाव
झांकी में वीबी जी राम जी के अंतर्गत संचालित आदर्श ग्रामसभा का दृश्य भी प्रदर्शित किया गया, जिसमें ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी को दर्शाया गया। इसके अलावा आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र, अटल डिजिटल केंद्र, सामुदायिक भवन, उचित मूल्य दुकान और मल्टी एक्टिविटी सेंटर के माध्यम से सरकारी योजनाओं से गांवों में आए सकारात्मक बदलावों को रेखांकित किया गया। जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर नल, 350 किलोलीटर क्षमता की पानी टंकी, कृषि एवं जल संरक्षण के लिए निर्मित डबरी, कुआं और बाड़ी विकास को कलात्मक रूप में दर्शाया गया।
सर्वांगीण विकास में कृषि सखी और अन्य भूमिकाएँ
झांकी में कृषि सखी, पशु सखी, बैंक सखी और बिहान की दीदियों की समन्वित भूमिका को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया, जो मिलकर आदर्श गांव के सर्वांगीण विकास हेतु आवश्यक ज्ञान, संसाधन और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती हैं। झांकी में लगाया गया क्यू आर कोड दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना, जिससे वे योजनाओं से संबंधित डिजिटल जानकारी प्राप्त कर सके।
प्रेरणादायी नारे और समापन
झांकी के अग्रभाग में अंकित नारे “सुन गा किसान, सुन गा मितान, डबरी ला तैं लक्ष्मी जान” ने स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और समृद्धि का संदेश दिया। निर्णायकों ने इसे शासन की कल्याणकारी योजनाओं का सबसे प्रभावशाली और प्रेरणास्पद प्रदर्शन बताते हुए प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया।














































