गौतम अडानी ने कोरबा के पताड़ी पावर प्लांट का किया निरीक्षण: 15,000 करोड़ रुपये के विस्तार की तैयारी

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कोरबा। अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कोरबा-चांपा मार्ग स्थित पताड़ी पावर प्लांट का विशेष दौरा किया। इस दौरान उन्होंने न केवल प्लांट की मौजूदा स्थिति का निरीक्षण किया, बल्कि भविष्य के बड़े विस्तार को लेकर भी अहम फैसले लिए। उनके इस दौरे को कोरबा जिले के औद्योगिक विकास के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस निरीक्षण के दौरान उनके साथ अडानी पावर लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारी विनीत जैन, पूर्व आईएएस अमन सिंह और नरेश गोयल भी मौजूद रहे।

पौधरोपण से लेकर तकनीकी निरीक्षण तक रहे सक्रिय:
अपने प्रवास के दौरान गौतम अडानी ने प्लांट परिसर में स्मृति स्वरूप पौधरोपण किया। इसके बाद उन्होंने कंट्रोल रूम, कोल हैंडलिंग सिस्टम और निर्माणाधीन यूनिट्स का गहन निरीक्षण किया। अडानी ने अधिकारियों से कार्य प्रगति की जानकारी ली और तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।

कर्मचारियों से सीधा संवाद, दिखा सरल नेतृत्व:
निरीक्षण के दौरान गौतम अडानी प्रोटोकॉल से हटकर सीधे कर्मचारियों के बीच पहुंचे। उन्होंने श्रमिकों और इंजीनियरों से बातचीत की और उनके अनुभव जाने। कर्मचारियों ने बताया कि चेयरमैन की यह सादगी और अपनापन उन्हें और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।

तीसरे चरण के विस्तार को मिली हरी झंडी:
अधिकारियों के साथ बैठक में तीसरे चरण के विस्तार को मंजूरी दी गई। इस चरण में 800-800 मेगावाट की दो अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल यूनिट्स कुल लागत लगभग 15,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। इस परियोजना को लेकर पर्यावरणीय जनसुनवाई 27 फरवरी को सरगबूंदिया हायर सेकेंडरी स्कूल के खेल मैदान में आयोजित की जाएगी।

अप्रैल-मई तक शुरू होंगी दूसरे चरण की यूनिट्स:
प्रबंधन ने जानकारी दी कि दूसरे चरण की 660 मेगावाट की इकाइयाँ अप्रैल-मई तक व्यावसायिक संचालन के लिए तैयार हो जाएंगी। इससे क्षेत्र में बिजली उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

चौथे चरण की संभावनाओं पर भी मंथन:
गौतम अडानी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चौथे चरण के तहत 800 मेगावाट की दो अतिरिक्त यूनिट्स लगाने की संभावनाओं का भी अध्ययन किया जाए। इससे कोरबा को ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में और मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में कदम बढ़ेगा। गौतम अडानी का यह दौरा न केवल पताड़ी पावर प्लांट के विस्तार को नई दिशा देता है, बल्कि छत्तीसगढ़ और विशेषकर कोरबा के औद्योगिक भविष्य के लिए भी इसे अहम माना जा रहा है।

Amit sahu
Author: Amit sahu

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