धान खरीदी में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर, प्रशासन का कड़ा प्रहार

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279 बोरी धान की फर्जी एंट्री, डाटा एंट्री ऑपरेटर निलंबित, फड़ प्रभारी हटाए गए

रायगढ़, 21 जनवरी 2026। जिले के धान उपार्जन केंद्र तमनार में धान खरीदी के दौरान गंभीर अनियमितता सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए डाटा एंट्री ऑपरेटर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि फड़ प्रभारी को धान खरीदी कार्य से पृथक कर दिया गया है। मामला किसानों के नाम पर फर्जी धान खरीदी दर्ज करने से जुड़ा है।

जांच में खुला खेल, 279 बोरी धान की फर्जी खरीदी

जिला नोडल अधिकारी, धान उपार्जन केंद्र तमनार द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के अनुसार 19 जनवरी 2026 को कृषक चंद्रमणी, पिता हरीशचंद्र, निवासी झिंकाबहाल द्वारा धान विक्रय हेतु उपार्जन केंद्र में धान लाया गया था। प्रारंभिक जांच में 85 बोरी धान अमानक पाए जाने पर उन्हें पृथक कर दिया गया था। शेष मानक धान की नमी जांच, ढुलाई और वजन प्रक्रिया पूरी करने के बाद कुल 383 बोरी धान सही पाई गई थी, जिसकी खरीदी के निर्देश समिति प्रबंधक को दिए गए थे।

कागजों में बढ़ा दी गई खरीदी, कंप्यूटर एंट्री में गड़बड़ी

हालांकि, जब समिति के रजिस्टर और कंप्यूटर प्रविष्टियों की जांच की गई, तो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। समिति के कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा कृषक के नाम पर 662 बोरी धान (264.80 क्विंटल) की खरीदी दर्ज कर दी गई, जबकि वास्तविक रूप से केवल 383 बोरी धान ही खरीदी योग्य थी। इस तरह 279 बोरी धान (111.6 क्विंटल) की फर्जी खरीदी दर्ज किया जाना स्पष्ट हुआ।

शासन के निर्देशों का खुला उल्लंघन

यह कृत्य छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा धान खरीदी को लेकर जारी दिशा-निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन पाया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई की गई।

ऑपरेटर निलंबित, फड़ प्रभारी हटाए गए

आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित तमनार (पंजीयन क्रमांक 241) के डाटा एंट्री ऑपरेटर अमित साव को धान खरीदी कार्य में गंभीर अनियमितता, लापरवाही और उदासीनता बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, उपार्जन केंद्र तमनार के फड़ प्रभारी हरेराम सिदार को कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर धान खरीदी कार्य से तत्काल पृथक कर दिया गया है।

कलेक्टर का साफ संदेश: किसानों से धोखा बर्दाश्त नहीं

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों के हितों से खिलवाड़ करने, फर्जी प्रविष्टियां करने या शासन के निर्देशों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ किसी भी स्तर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले के सभी उपार्जन केंद्रों की सतत निगरानी की जा रही है और दोषी पाए जाने पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

Amit sahu
Author: Amit sahu

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