अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में ‘वैदिक ज्ञान परंपरा’ पर व्याख्यान

SHARE:

बिलासपुर । अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के योग विज्ञान विभाग द्वारा कुलपति सभागार में एक दिवसीय व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के पूजन, वंदना और विश्वविद्यालय कुलगीत के साथ हुई। संचालन की जिम्मेदारी डॉ. सत्यम तिवारी ने निभाई।

स्वागत उद्बोधन में योग विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव साहू ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा केवल सांस्कृतिक विरासत नहीं, बल्कि मानव जीवन को संतुलन और दिशा देने वाली परंपरा है। उन्होंने कहा कि इसकी शैक्षणिक और सामाजिक उपयोगिता आज भी उतनी ही प्रासंगिक है।

विशेष अतिथि डॉ. हरेराम पाण्डेय, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक ने भारतीय ज्ञान प्रणाली और योग की समग्र अवधारणा पर प्रकाश डाला। उन्होंने शोधार्थियों से आग्रह किया कि वे इस क्षेत्र में गंभीर अध्ययन और अनुसंधान करें, ताकि पारंपरिक ज्ञान को नई पीढ़ी तक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पहुंचाया जा सके।

मुख्य वक्ता प्रो. रामनाथ झा, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय नई दिल्ली ने वैदिक चिंतन की दार्शनिक गहराई को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि वेदों में निहित विचार आज के जटिल जीवन और वैश्विक समस्याओं के समाधान की क्षमता रखते हैं और उनकी प्रासंगिकता समय से परे है।

Amit sahu
Author: Amit sahu

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई