छत्तीसगढ़ बंद के दौरान रायपुर के मैग्नेटो मॉल में तोड़फोड़, बजरंग दल के 50 से अधिक कार्यकर्ता गिरफ्तार

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रायपुर के मैग्नेटो मॉल में तोड़फोड़ के मामले ने राजधानी का माहौल गरमा दिया। छत्तीसगढ़ बंदके दौरान हुई इस घटना के बाद बजरंग दल (Bajrang Dal) के 50 से अधिक कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के विरोध में कार्यकर्ता तेलीबांधा थाना के सामने धरने पर बैठ गए, जिससे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।

थाने के सामने टेंट, चूल्हा और नारेबाजी

दोपहर से ही बजरंग दल के कार्यकर्ता तेलीबांधा थाने के सामने सड़क पर बैठ गए। टेंट-पंडाल लगाकर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारी चूल्हा और राशन लेकर पहुंचे और हवन कर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। इस दौरान यातायात प्रभावित हुआ और पुलिस को नेशनल हाईवे की ओर ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा।

स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने सख्ती दिखाई और प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को सामूहिक रूप से गिरफ्तार कर बसों में भरकर सेंट्रल जेल ले जाया गया। मौके पर 2 एएसपी, 4 सीएसपी और 12 से अधिक थाना प्रभारियों समेत भारी पुलिस बल तैनात रहा।

देर रात बनी सहमति, सभी रिहा

कई घंटों की बातचीत के बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच सहमति बनी। शर्तों के अनुसार सभी गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को बिना शर्त रिहा कर दिया गया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ और हालात सामान्य हुए।

24 दिसंबर को क्या हुआ था

क्रिसमस से एक दिन पहले 24 दिसंबर को हुए छत्तीसगढ़ बंद (Chhattisgarh Bandh) के दौरान मैग्नेटो मॉल में तनाव की स्थिति बन गई थी। आरोप है कि छत्तीसगढ़ बंद के दौरान 30-40 लोगों के एक समूह ने मैग्नेटो मॉल में घुसकर जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की थी। मॉल कर्मचारियों के अनुसार, लाठी-डंडों से लैस लोग कर्मचारियों से धर्म और जाति पूछते हुए आक्रामक तरीके से पेश आए। पुलिस के पहुंचने से पहले ही लाखों रुपए का नुकसान हो चुका था।

15 से 20 लाख के नुकसान का दावा

मैग्नेटो मॉल प्रबंधन का कहना है कि इस घटना में करीब 15 से 20 लाख रुपए की संपत्ति क्षतिग्रस्त हुई। लेकिन इससे भी ज्यादा नुकसान डर और असुरक्षा के माहौल का था, जहां कर्मचारी खुद को असहाय महसूस कर रहे थे।

पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर 30 से 40 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। रायपुर एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने स्पष्ट किया है कि सभी आरोपियों की पहचान की जा चुकी है और आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

सांता क्लॉज विवाद पर बजरंग दल का तर्क

बजरंग दल के जिला संयोजक विजेंद्र वर्मा ने आरोप लगाया कि मॉल में सांता क्लॉज की मूर्ति जानबूझकर लगाई गई, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। उन्होंने तोड़फोड़ से इनकार करते हुए पुलिस कार्रवाई को एकतरफा बताया।

घटना के बाद अंबुजा मॉल समेत अन्य प्रमुख मॉल खाली कराए गए और सुरक्षा बढ़ा दी गई। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी

Amit sahu
Author: Amit sahu

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