नाली में बोरे में मिला था महिला का शव
दुर्ग-भिलाई के सुपेला थाना क्षेत्र अंतर्गत चंद्रा मौर्या अंडरब्रिज के पास 13 दिसंबर को नाली में बोरे में बंद एक अज्ञात महिला की सड़ी-गली लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। इस Supela Murder Case की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और अज्ञात शव की शिनाख्ती के प्रयास शुरू किए गए।
गोदना से हुई मृतिका की पहचान
पुलिस ने महिला के हाथों में बने गोदना की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल की। इसी दौरान सुपेला थाना में एक महिला की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। फोटो और गोदना मिलान के बाद मृतिका की पहचान अमरौतिन उर्फ आरती निर्मलकर, निवासी कोसा नगर भिलाई के रूप में हुई। इसके बाद Supela Murder Case में जांच की दिशा स्पष्ट हुई।
लिव-इन पार्टनर ने उगला राज
पुलिस ने मृतिका के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे तुलाराम बंजारे को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि 4 से 5 दिसंबर के बीच आरती की हत्या की गई थी। आरोपी ने बताया कि हत्या के बाद अपने बड़े भाई गोवर्धन बंजारे और ऑटो चालक शक्ति भैयार की मदद से शव को ठिकाने लगाया गया।
हत्या के बाद रची गई कहानी
Supela Murder Case में सामने आया कि आरोपी ने घटना के अगले दिन अपनी मां को घर बुला लिया और मोहल्ले वालों को बताया कि आरती अपने पिता का इलाज कराने नागपुर चली गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने शव को घुटने मोड़कर प्लास्टिक रस्सी से बांधा, बोरे में भरा और ऑटो से नाली में फेंक दिया।
चरित्र संदेह और विवाद बना वजह
आरोपी तुलाराम बंजारे ने पुलिस को बताया कि मृतिका शराब और गुटखा की आदी थी, नशे की हालत में विवाद करती थी और वह उसके चरित्र पर संदेह करता था। विवाद के दौरान उसने आरती का सिर दीवार में दे मारा, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने की साजिश रची गई।
आपराधिक इतिहास भी आया सामने
क्राइम ब्रांच डीएसपी अलेक्जेंडर किरो ने बताया कि Supela Murder Case में मुख्य आरोपी तुलाराम बंजारे पूर्व में भी हत्या और मारपीट के मामलों में जेल जा चुका है। पुलिस ने तुलाराम बंजारे, गोवर्धन बंजारे और ऑटो चालक शक्ति भैयार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है।














































