रायपुर एयरपोर्ट पर इंडिगो संकट: पांचवें दिन भी उथल-पुथल, मुंबई–दिल्ली रूट ठप, महंगे हवाई टिकटों के बीच यात्री अब ट्रेनों की शरण में

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छत्तीसगढ़ के रायपुर एयरपोर्ट पर इंडिगो का संकट पांचवें दिन भी जारी, 7 फ्लाइट्स कैंसल। DGCA नियमों से मुंबई-दिल्ली रूट बुरी तरह प्रभावित, टिकट महंगे, यात्री ट्रेनों पर निर्भर। स्पेशल ट्रेनें चलीं लेकिन प्रतीक्षा सूची लंबी।

रायपुर एयरपोर्ट पर पांचवें दिन भी इंडिगो की उड़ानों का संकट गहरा गया है, जहां रविवार को रायपुर से मुंबई, अहमदाबाद, हैदराबाद, इंदौर, लखनऊ, बेंगलुरू और कोलकाता के लिए 7 फ्लाइट्स कैंसल (Indigo Flight Cancellations) कर दी गईं।

स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट (Swami Vivekananda Airport) पर यात्रियों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन क्रू स्टाफ और DGCA के नए नियमों के कारण शेड्यूल बुरी तरह बिगड़ गया है। कई यात्री घंटों इंतजार के बाद निराश होकर घर लौट रहे हैं या ट्रेन का सहारा ले रहे हैं, जिससे एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है।

DGCA नियमों से शेड्यूल पर भारी असर

DGCA के सख्त नियमों ने इंडिगो की उड़ानों को बुरी तरह प्रभावित किया है, शुक्रवार को तीसरे दिन भी संकट जारी रहा जब लगभग 6 फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं। दिल्ली-रायपुर-दिल्ली रूट पर 5 उड़ानें, मुंबई-रायपुर-मुंबई की तीनों नियमित फ्लाइट्स पूरी तरह बंद रहीं, जबकि अहमदाबाद, लखनऊ, कोलकाता और बेंगलुरू रूट पर कई घंटों की देरी हुई (Flight Delays Raipur)। मुंबई-रायपुर संपर्क पूरी तरह टूट गया, यात्रियों को केवल एयर इंडिया की तीन फ्लाइट्स पर निर्भर होना पड़ा। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि एयरपोर्ट पर हंगामा होता नजर आया।

टिकट दाम दोगुने (Ticket Price)

इंडिगो की फ्लाइट्स रद्द होते ही दूसरी एयरलाइंस के टिकटों के दामों में 100 प्रतिशत तक उछाल आ गया, जहां 5-6 हजार रुपये वाले टिकट 12-15 हजार तक पहुंच गए। परेशान यात्रियों ने बताया कि महत्वपूर्ण मीटिंग्स और यात्राओं के लिए यह झटका असहनीय है।

बड़ी संख्या में लोग एयरपोर्ट छोड़कर रेलवे स्टेशन की शरण लेने पहुंचे, जहां मांग बढ़ने पर रेलवे ने कई स्पेशल ट्रेनें चला दीं (Special Trains Raipur)। फिर भी प्रतीक्षा सूची तेजी से भर रही है, जिससे रेल यात्रियों को भी मुश्किल हो रही है।

एयरलाइंस पर सवाल

रायपुर एयरपोर्ट पर फंसे यात्रियों की कहानियां दिल दहला देने वाली हैं, कई परिवार घंटों फंसकर थक चुके हैं और वैकल्पिक व्यवस्था की तलाश में हैं। इंडिगो संकट के पांचवें दिन भी कोई स्थायी समाधान नजर नहीं आ रहा, जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं। रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों से कुछ राहत दी, लेकिन हवाई यात्रा पर निर्भर लोगों को भारी नुकसान हो रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति सामान्य होगी।

Amit sahu
Author: Amit sahu

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