मुख्यमंत्री बोले- युवाओं की नई सोच, ऊर्जा और रचनात्मकता प्रदेश के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत; संघर्ष से घबराने के बजाय लक्ष्य पर रखें नजर
रायपुर। राजधानी रायपुर में रविवार को आयोजित ‘छत्तीसगढ़ नेक्स्ट यूथ कॉन्क्लेव’ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। कार्यक्रम में उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन करने वाली युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया। युवाओं से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें अपनी प्रतिभा पहचानने, बड़े लक्ष्य तय करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
युवाओं को अपनी बात साहस के साथ रखने की सलाह
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा प्रतिभाशाली, परिश्रमी और संभावनाओं से भरपूर हैं। युवाओं की नई सोच, ऊर्जा और रचनात्मकता प्रदेश के भविष्य की महत्वपूर्ण ताकत है।
उन्होंने युवाओं से अपनी बात सीधी, सच्ची और साहस के साथ रखने तथा अपने विचारों और कार्यों के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करने की बात कही।
नए अवसरों का लाभ उठाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय के साथ युवाओं के सामने अवसरों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने युवाओं से अपनी क्षमताओं को पहचानने, बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आज युवा नवाचार, स्टार्टअप, विज्ञान, तकनीक, खेल और कला-संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहे हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, छत्तीसगढ़ के युवाओं में भी प्रदेश और देश के विकास में योगदान देने की पर्याप्त क्षमता है।
‘मन की बात’ और ‘हर घर मुनगा’ अभियान का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह देश के अलग-अलग हिस्सों में किए जा रहे प्रेरणादायी प्रयासों को सामने लाने और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने का माध्यम बना है।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और पोषण से जुड़े संदेशों का उल्लेख करते हुए ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान की चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुनगा पोषण का स्थानीय और सहज स्रोत है तथा जनभागीदारी के माध्यम से इसे घर-घर तक पहुंचाने से स्वस्थ और सुपोषित छत्तीसगढ़ के प्रयासों को मजबूती मिल सकती है।
प्रकृति और संस्कृति को बताया छत्तीसगढ़ की पहचान
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विविधता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के वन, पहाड़, जलप्रपात, गांवों का जीवन और लोक परंपराएं प्रदेश को अलग पहचान देते हैं।
उन्होंने मधेश्वर पहाड़ और वहां मौजूद शिवलिंग जैसी प्राकृतिक संरचना का उल्लेख करते हुए प्रदेश में पर्यटन की संभावनाओं की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसके गांवों, लोकजीवन और संस्कृति से भी जुड़ी है।
उन्होंने युवाओं से आधुनिकता के साथ आगे बढ़ते हुए अपनी भाषा-बोली, लोककला, लोकगीत और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहने का आह्वान किया।
अपने जीवन के संघर्ष युवाओं से साझा किए
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में अपने जीवन के संघर्षों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कम उम्र में ही उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई।
उन्होंने कहा कि खेती-बाड़ी के साथ परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हुए उन्होंने अपने छोटे भाइयों की शिक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया। उनके अनुसार, जीवन की कठिन परिस्थितियों ने उन्हें संघर्ष करना और जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटना सिखाया।
कठिन परिस्थितियों से सीख लेने का संदेश
मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि जीवन में परिस्थितियां हमेशा अनुकूल नहीं होतीं। कठिन समय आने पर घबराने के बजाय उसका सामना करते हुए आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि परिश्रम, धैर्य और संकल्प के साथ किया गया प्रयास आगे बढ़ने के नए रास्ते खोल सकता है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखने और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया।






























