सुबह 8 से शाम 5 बजे तक मिली मुलाकात की अनुमति, सुरक्षा जांच के बाद जेल में दिया गया प्रवेश
रायगढ़। भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन रायगढ़ जिला जेल, दीवारपारा में इस बार भावुक माहौल के बीच मनाया गया। जेल में निरुद्ध बंदी भाइयों से मिलने पहुंची बहनों ने उनकी कलाई पर राखी बांधी और सुखी एवं सुरक्षित जीवन की कामना की। लंबे समय बाद अपनों से मुलाकात के दौरान कई परिवारों के बीच भावनात्मक दृश्य भी देखने को मिले।
सुबह 8 से शाम 5 बजे तक मुलाकात की व्यवस्था
रक्षाबंधन को देखते हुए जेल प्रशासन ने बंदी भाइयों से मिलने वाली बहनों के लिए विशेष व्यवस्था की थी। बहनों को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित प्रक्रिया के तहत जेल में प्रवेश देकर अपने भाइयों से राखी बांधने की अनुमति दी गई।
सूखी मिठाई ले जाने की थी अनुमति
जेल प्रशासन द्वारा सुरक्षा नियमों के तहत मुलाकात के दौरान परिसर के भीतर केवल सूखी मिठाई ले जाने की अनुमति दी गई थी। अन्य सामानों को लेकर निर्धारित नियमों का पालन कराया गया।
प्रवेश से पहले हुई सघन जांच
जेल की सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मुख्य गेट पर बहनों और उनके साथ लाए गए सामान की सघन जांच की गई। जांच और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही मुलाकात के लिए प्रवेश दिया गया।
प्रत्येक परिवार को करीब 15 मिनट का समय
रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में बहनों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए जेल प्रशासन ने मुलाकात के लिए समय निर्धारित किया था। भीड़ को व्यवस्थित रखने और अधिक से अधिक परिवारों को अपने बंदी भाइयों से मिलने का अवसर देने के लिए प्रत्येक परिवार को करीब 15 मिनट का समय दिया गया।
रजिस्टर में दर्ज किया गया बहनों का नाम
जेल में प्रवेश से पहले बहनों के नाम मुख्य गेट पर रखे गए रजिस्टर में दर्ज किए गए। पहचान और रिकॉर्ड से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही उन्हें मुलाकात के लिए अंदर जाने की अनुमति मिली।
रक्षाबंधन के अवसर पर जेल प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के साथ-साथ बंदियों को अपने परिवार से जुड़ने का अवसर दिया गया। राखी बांधने के दौरान भाई-बहन के रिश्ते की भावनात्मक गर्माहट जेल परिसर में भी महसूस की गई।






























