बरसात में बढ़ा मलेरिया का खतरा, जिले में जनवरी से जुलाई तक मिले 33 मरीज

SHARE:

रायगढ़। मानसून की शुरुआत के साथ ही जिले में मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है। सर्दी, बुखार और डायरिया जैसी बीमारियों के साथ अब मलेरिया के मरीजों की संख्या में भी लगातार वृद्धि देखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी ब्लॉकों में रैपिड रिस्पांस टीम गठित कर निगरानी तेज कर दी है।

मलेरिया के बढ़ते मामलों से स्वास्थ्य विभाग सतर्क

बरसात के मौसम में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने के कारण मलेरिया फैलने का खतरा अधिक रहता है। इस वर्ष मानसून के दौरान मलेरिया के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।

जिला चिकित्सालय सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी है। इनमें मलेरिया के मरीज भी बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं। खासकर शहरी क्षेत्रों में मलेरिया का प्रभाव अधिक देखा जा रहा है।

जनवरी से जुलाई तक 33 मरीज मिले

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्ष 2026 में जनवरी से जुलाई तक जिले में मलेरिया के 33 मरीज सामने आ चुके हैं। शुरुआती सात महीनों में ही इतने मामले मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच अभियान तेज कर दिया है।

वहीं वर्ष 2025 में जनवरी से दिसंबर तक जिले में मलेरिया के कुल 68 मामले दर्ज किए गए थे। इनमें धरमजयगढ़, लैलूंगा, घरघोड़ा, तमनार सहित अन्य क्षेत्रों के मरीज शामिल थे।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी का उपयोग करें और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं। इसके अलावा बुखार आने पर घरेलू उपचार में समय न गंवाते हुए तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि समय पर जांच और उपचार से मलेरिया को गंभीर होने से रोका जा सकता है। रैपिड रिस्पांस टीमों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

Amit sahu
Author: Amit sahu

Leave a Comment