Kharsia Murder Case : नाना की हत्या के दोषी दो नातियों को आजीवन कारावास, खरसिया कोर्ट का बड़ा फैसला

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रायगढ़। रायगढ़ जिले के खरसिया क्षेत्र के ग्राम सोण्डका में वर्ष 2022 में हुए बहुचर्चित वृद्ध हत्या कांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश, खरसिया की अदालत ने 62 वर्षीय वृद्ध गेंदलाल डनसेना की हत्या के मामले में दोषी पाए गए दोनों नाती ओमप्रकाश डनसेना उर्फ गोलू और कार्तिक डनसेना को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध

1 अगस्त 2026 को अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव ने सत्र प्रकरण क्रमांक 01/2026 में फैसला सुनाते हुए थाना खरसिया के अपराध क्रमांक 684/2022 में दोनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34, 427 और 449 के तहत दोषी ठहराया। मामले की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी एवं उपनिरीक्षक नंद किशोर गौतम ने की थी।

संपत्ति विवाद बना हत्या की वजह

अभियोजन के अनुसार, ग्राम सोण्डका निवासी गेंदलाल डनसेना का पुश्तैनी मकान और जमीन को लेकर पारिवारिक विवाद चल रहा था। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण और संपत्ति के अधिकार को लेकर विवाद लगातार बढ़ता गया।

25 दिसंबर 2022 को आरोपियों ने मृतक के छोटे भाई के घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ की थी। अगले दिन 26 दिसंबर को पारिवारिक बैठक के दौरान विवाद हिंसक हो गया। आरोपियों ने अपने वृद्ध नाना पर हमला कर दिया। जान बचाने के लिए कमरे में छिपे गेंदलाल डनसेना तक पहुंचने के लिए गैस सिलेंडर से दरवाजा तोड़ा गया और टंगिया, फावड़ा व डंडे से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई।

एक आरोपी मौके पर, दूसरा अगले दिन गिरफ्तार

घटना की सूचना मिलते ही तत्कालीन थाना प्रभारी नंद किशोर गौतम और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। आरोपी कार्तिक डनसेना को घटनास्थल से ही हिरासत में लिया गया, जबकि फरार ओमप्रकाश डनसेना को अगले दिन गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार किया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथियार, गैस सिलेंडर और घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद किए गए।

मजबूत विवेचना से मिला न्याय

पुलिस द्वारा जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों, गवाहों के बयान और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह फैसला गंभीर अपराधों में रायगढ़ पुलिस की प्रभावी विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया की सफलता का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।

Amit sahu
Author: Amit sahu

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