नई दिल्ली। भारत में कागज के नोटों की जगह जल्द ही पॉलिमर (प्लास्टिक) नोट आने की चर्चा तेज हो गई है। इसको लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की तैयारियों की जानकारी सामने आई है।
2028 तक आम जनता तक पहुंचने की संभावना
RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के दौरान गवर्नर ने बताया कि पॉलिमर नोट लाने की दिशा में काम चल रहा है। संभावित रूप से ये नोट वर्ष 2028 तक बाजार में उपलब्ध हो सकते हैं।
पॉलिमर नोट क्यों लाए जा रहे हैं?
पॉलिमर नोट सामान्य कागजी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ माने जाते हैं। इनके कई फायदे बताए जाते हैं—
- नोटों की उम्र ज्यादा होती है।
- पानी और नमी से कम खराब होते हैं।
- गंदगी और घिसावट का असर कम होता है।
- नकली नोटों पर रोक लगाने के लिए इनमें आधुनिक सुरक्षा फीचर जोड़े जा सकते हैं।
पुराने कागजी नोटों का क्या होगा?
पॉलिमर नोट आने के बाद भी पुराने कागजी नोटों को अचानक बंद नहीं किया जाएगा। आमतौर पर नए नोट जारी होने के बाद पुराने नोट धीरे-धीरे चलन से बाहर किए जाते हैं। RBI समय-समय पर जरूरत के अनुसार इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करेगा।
कई देशों में पहले से चल रहे हैं पॉलिमर नोट
दुनिया के कई देशों जैसे ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्रिटेन में पॉलिमर नोट पहले से प्रचलन में हैं। भारत में भी पहले कुछ समय के लिए पॉलिमर नोटों के परीक्षण की चर्चा हो चुकी है।















































