रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम में प्रयास आवासीय विद्यालयों के NEET-2026 में सफल विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और कहा कि गरीब एवं आदिवासी समुदाय के विद्यार्थियों की यह सफलता पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है।
17 प्रयास आवासीय विद्यालय दे रहे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 17 प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों का उद्देश्य दूरस्थ, आदिवासी एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी उपलब्ध कराना है।
सफलता का श्रेय विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता में उनकी मेहनत, माता-पिता का आशीर्वाद और गुरुजनों का समर्पण समान रूप से शामिल है। उन्होंने सफल विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों और शिक्षकों को भी बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
‘कुशल ही नहीं, संवेदनशील डॉक्टर भी बनें’
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे भविष्य के डॉक्टर हैं और समाज में डॉक्टर का स्थान भगवान के बाद माना जाता है, क्योंकि डॉक्टर जीवन बचाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से केवल कुशल चिकित्सक ही नहीं, बल्कि संवेदनशील, व्यवहारिक और मिलनसार डॉक्टर बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मरीज के साथ अच्छा व्यवहार भी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।
नालंदा परिसर से मिलेगी प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ शिक्षा सहित हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए प्रदेशभर में नालंदा परिसर संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही 34 नए नालंदा परिसर निर्माणाधीन हैं, जहां विद्यार्थियों को 24×7 ऑनलाइन और ऑफलाइन अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।














































