नई दिल्ली। देशभर में NEET-UG परीक्षा को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। इसके बाद केंद्र सरकार ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है।
प्रह्लाद जोशी संभालेंगे शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी
प्रह्लाद जोशी वर्तमान में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इससे पहले वे मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री और कोयला एवं खान मंत्री भी रह चुके हैं।
कर्नाटक से आते हैं प्रह्लाद जोशी
प्रह्लाद जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के बीजापुर में हुआ था। वे वर्ष 2006 से 2013 तक कर्नाटक भाजपा के महासचिव रहे। इसके बाद उन्होंने कर्नाटक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली।
जोशी कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से लगातार पांचवीं बार सांसद चुने गए हैं। उन्होंने 2004, 2009, 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में जीत दर्ज की है। 2024 के चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी विनोद आसुती को हराया था।
12 साल में पहली बार विरोध के बीच मंत्री का इस्तीफा
मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल में धर्मेंद्र प्रधान पहले ऐसे मंत्री बताए जा रहे हैं, जिनका इस्तीफा बड़े विरोध और आंदोलन के बीच हुआ है। इससे पहले वर्ष 2018 में विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने ‘मी टू’ आंदोलन के दौरान लगे आरोपों के बाद इस्तीफा दिया था।
NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों और विभिन्न संगठनों का विरोध प्रदर्शन जारी था, जिसके बाद धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से त्यागपत्र दिया।















































