रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए अचल संपत्ति रजिस्ट्री पर लगने वाला 0.60% सेस (उपकर) खत्म करने का फैसला लिया है। सोमवार को अधिसूचना जारी होने के बाद मंगलवार से नई दरें लागू होंगी, जिससे रजिस्ट्री कराने वालों को सीधा फायदा मिलेगा।
सेस खत्म होने से आम खरीदारों को सीधी राहत
सरकार के इस फैसले के बाद प्रॉपर्टी रजिस्ट्री की लागत में कमी आएगी। अनुमान के मुताबिक 1 करोड़ रुपये की संपत्ति पर करीब 60 हजार रुपये तक की बचत होगी। इससे मध्यम वर्ग और निवेशकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
विधानसभा में पास हुआ था विधेयक, अब लागू होने की तैयारी
सेस खत्म करने से जुड़ा विधेयक मार्च 2026 में विधानसभा से पारित हो चुका था। राज्यपाल की मंजूरी के बाद अब इसे लागू करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अधिसूचना जारी होते ही सॉफ्टवेयर अपडेट कर नई दरों पर रजिस्ट्री शुरू कर दी जाएगी।
महिलाओं को अतिरिक्त फायदा, पंजीयन शुल्क आधा
सरकार ने महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए पंजीयन शुल्क में भी बड़ी छूट दी है। महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री कराने पर शुल्क 4% से घटाकर 2% कर दिया गया है। इससे महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीद को बढ़ावा मिलेगा।
नई दरें लागू होने के बाद क्या बदलेगा
नई व्यवस्था के तहत पुरुषों के लिए स्टांप ड्यूटी 6.6% और पंजीयन शुल्क 4% रहेगा, जबकि महिलाओं के लिए स्टांप ड्यूटी 5.48% और पंजीयन शुल्क सिर्फ 2% होगा। इससे रजिस्ट्री प्रक्रिया पहले से ज्यादा सस्ती और आसान होगी।
रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी के संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि सेस खत्म होने और महिलाओं को दी गई छूट से प्रॉपर्टी बाजार में तेजी आएगी। इससे खरीद-फरोख्त बढ़ेगी और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।














































