ग्रुप चैट वायरल होते ही भड़का मामला, छात्रों में आक्रोश
बिलासपुर। न्यायधानी स्थित गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी एक बार फिर विवादों में घिर गई है। इस बार मामला विधि विभाग (लॉ डिपार्टमेंट) के कुछ छात्रों से जुड़ा है, जिन पर धार्मिक हस्तियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगा है। जैसे ही कथित ग्रुप चैट के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हुए, कैंपस में माहौल तनावपूर्ण हो गया और छात्रों में नाराजगी बढ़ गई।
“धार्मिक भावनाओं को ठेस” का आरोप, छात्र संगठनों का प्रदर्शन
घटना के विरोध में विभिन्न छात्र संगठनों ने एकजुट होकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि यह केवल व्यक्तिगत अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि धार्मिक भावनाओं और महापुरुषों के सम्मान को ठेस पहुंचाने का गंभीर मामला है। उन्होंने दोषी छात्रों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन ने गठित की जांच समिति, डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने आंतरिक जांच समिति का गठन कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, वायरल स्क्रीनशॉट सहित अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। साथ ही, पीड़ित पक्ष द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
दोष साबित होने पर कड़ी कार्रवाई संभव
सूत्रों के मुताबिक, यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें निलंबन या निष्कासन जैसे कदम शामिल हो सकते हैं। फिलहाल प्रशासन और पुलिस दोनों ही मामले की पड़ताल में जुटे हैं।
अभिव्यक्ति की सीमा पर फिर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और उसकी सीमाओं पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। खासकर कानून की पढ़ाई कर रहे छात्रों से अपेक्षा की जाती है कि वे सामाजिक संवेदनशीलता और कानूनी मर्यादाओं का पालन करें।














































