आधार के दुरुपयोग को रोकने के लिए अहम नियम
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण UIDAI ने स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसका आधार कार्ड (Aadhaar Card) डिएक्टिवेट कराना जरूरी है। ऐसा न करने पर पहचान का दुरुपयोग होने का खतरा बना रहता है।
फर्जी लेनदेन और धोखाधड़ी का खतरा
UIDAI के अनुसार, मृत व्यक्ति के आधार का गलत इस्तेमाल कई तरीकों से हो सकता है—
- फर्जी सब्सिडी लेने में
- पेंशन या बैंक खाते से पैसा निकालने में
- पहचान का इस्तेमाल कर आपराधिक गतिविधियों में
- अन्य वित्तीय धोखाधड़ी में
इसी वजह से परिवार के सदस्यों को समय रहते आधार डिएक्टिवेट कराने की सलाह दी गई है।
ऑनलाइन ऐसे करें आधार डिएक्टिवेट (Step-by-Step Process)
UIDAI ने इसके लिए आसान ऑनलाइन प्रक्रिया बताई है—
- “myAadhaar” पोर्टल पर जाएं
- अपने आधार नंबर और OTP से लॉगिन करें
- “Services” सेक्शन में जाएं
- “Report Death of a Family Member” विकल्प चुनें
- मृत व्यक्ति की आवश्यक जानकारी भरें
- OTP से वेरिफिकेशन पूरा करें
- रिक्वेस्ट सबमिट करें
प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुछ दिनों में आधार कार्ड डिएक्टिवेट कर दिया जाएगा।
UIDAI की अपील— जिम्मेदारी निभाएं, धोखाधड़ी रोकें
UIDAI ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी यह जानकारी साझा करते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे मृत परिजनों का आधार समय पर डिएक्टिवेट कराएं, ताकि किसी भी तरह के दुरुपयोग को रोका जा सके।














































