भीषण गर्मी में बिजली संकट से उबाल: सक्ती शहर में अघोषित कटौती पर जनता का आक्रोश, फाउंडेशन ने सौंपा ज्ञापन

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बिजली सरप्लस राज्य होने के बावजूद सक्ती में संकट, व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन की दृष्टि से सरप्लस राज्य होने के बावजूद सक्ती शहर में बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पूरे राज्य में उत्पादन पर्याप्त होने के बाद भी सक्ती को उसका लाभ नहीं मिल रहा, जिससे स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।


भीषण गर्मी में अघोषित कटौती से बढ़ी परेशानी, जनता में आक्रोश

तेज गर्मी के बीच लगातार बिजली कटौती और अनियमित आपूर्ति ने नगरवासियों की परेशानी बढ़ा दी है। मरम्मत कार्यों के बावजूद हालात में सुधार नहीं होने से लोगों में विद्युत विभाग के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। नागरिकों का कहना है कि व्यवस्था अब असहनीय स्थिति में पहुंच चुकी है।


स्थायी समाधान की मांग को लेकर प्रतिनिधि मंडल पहुंचा विद्युत कार्यालय

छत्तीसगढ़ नागरिक सुरक्षा फाउंडेशन जिला सक्ती का प्रतिनिधि मंडल जिलाध्यक्ष रामनरेश यादव के नेतृत्व में कार्यपालन यंत्री ए. के. भारद्वाज से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने नगर में बिजली संकट की गंभीर स्थिति से अवगत कराते हुए स्थायी समाधान की मांग रखी।


वैकल्पिक व्यवस्था और निर्बाध आपूर्ति की मांग, सौंपा गया ज्ञापन

प्रतिनिधि मंडल ने ज्ञापन सौंपकर मांग की कि जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था कर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही अघोषित कटौती को तत्काल बंद करने की मांग भी की गई।


7 दिन में सुधार नहीं तो आंदोलन की चेतावनी

ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि सात दिनों के भीतर बिजली व्यवस्था में ठोस सुधार नहीं किया गया तो सक्ती शहर में जन आंदोलन और चक्काजाम किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।


विद्युत विभाग का आश्वासन, सुधार के लिए चल रहे प्रयास

कार्यपालन यंत्री ए. के. भारद्वाज ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि बिजली आपूर्ति सुधारने के लिए विभाग गंभीर है। उन्होंने बताया कि आपूर्ति में बाधा उत्पन्न करने वाले उपकरणों की पहचान कर उन्हें बदला जा रहा है और वैकल्पिक व्यवस्था पर भी काम चल रहा है।


गर्मी में बिजली संकट बना बड़ी चुनौती

सक्ती शहर में बिजली संकट अब प्रशासन और जनता दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। जहां एक ओर लोग राहत की मांग कर रहे हैं, वहीं विभाग सुधार के प्रयासों का दावा कर रहा है। आने वाले दिनों में स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हैं।


 

Amit sahu
Author: Amit sahu

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