गिरते भू-जल स्तर से बढ़ी चिंता, शहर में पानी संकट गहराने की आशंका
सक्ती शहर में लगातार गिरते वाटर लेवल ने पानी की समस्या को गंभीर बना दिया है। नगर पालिका प्रशासन अपने स्तर पर जल आपूर्ति सुधारने के प्रयास कर रहा है, लेकिन जब तक भू-जल स्तर में सुधार नहीं होता, तब तक संकट के समाधान की संभावना कमजोर बनी हुई है। इसी बीच बुधवारी बाजार स्थित बंधवा तालाब एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
72 एकड़ में फैला ऐतिहासिक बंधवा तालाब, 20 साल पहले हुआ था गहरीकरण
बुधवारी बाजार क्षेत्र में लगभग 72 एकड़ में फैला बंधवा तालाब शहर का एक प्रमुख जल स्रोत है। करीब 20 वर्ष पूर्व तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष अहिल्या साहू के कार्यकाल में इसका गहरीकरण कराया गया था। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि उस समय पूरा तालाब पूरी तरह गहरा नहीं हो सका था, जिससे इसका प्रभाव सीमित रह गया।
अधूरा गहरीकरण बना समस्या की जड़, वाटर लेवल सुधार नहीं पाया
स्थानीय नागरिकों के अनुसार तालाब का आंशिक गहरीकरण होने के बावजूद शहर का भू-जल स्तर अपेक्षित रूप से नहीं बढ़ सका। इसके चलते आज भी कई मोहल्लों में पानी की समस्या बनी हुई है और गर्मी के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है।
जनभागीदारी और DMF फंड से गहरीकरण की उठी मांग
शहरवासियों ने मांग की है कि गर्मी के इस समय का उपयोग करते हुए बंधवा तालाब का पूर्ण गहरीकरण कराया जाए। इसके लिए जनभागीदारी या जिला खनिज न्यास निधि (DMF) से विशेष फंड का उपयोग करने की बात कही गई है। लोगों का मानना है कि यह कदम जल संकट को काफी हद तक कम कर सकता है।
जल संरक्षण से मिलेगा दीर्घकालिक समाधान, अन्य तालाबों से मिल रही प्रेरणा
प्रशासन की ओर से शहर के अन्य तालाबों में समय-समय पर गहरीकरण कार्य कराया जा रहा है। इसी तरह बंधवा तालाब को भी प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई जा रही है। विशेषज्ञों और नागरिकों का मानना है कि यदि तालाब का संरक्षण और विस्तार किया जाए तो पूरे वर्ष जल उपलब्धता सुनिश्चित हो सकती है।
शहरवासियों ने प्रशासन से की तत्काल कार्रवाई की अपील
स्थानीय लोगों ने सक्ती कलेक्टर अमृत विकास टोप्पो, नगर पालिका अध्यक्ष श्यामसुंदर अग्रवाल और मुख्य नगर पालिका अधिकारी प्रहलाद पांडेय से इस मामले में शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि बंधवा तालाब का गहरीकरण शहर के भविष्य के लिए बेहद आवश्यक है।
बंधवा तालाब बन सकता है जल संकट का स्थायी समाधान
72 एकड़ में फैला यह तालाब यदि पूरी क्षमता के साथ गहरा किया जाए तो यह न केवल बुधवारी बाजार बल्कि पूरे शहर के लिए एक महत्वपूर्ण जल स्रोत साबित हो सकता है। यह पहल आने वाले वर्षों में जल संकट से राहत दिलाने की दिशा में निर्णायक कदम बन सकती है।













































