एक गांव में अचानक लेबर पेन शुरू होने पर गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस नहीं मिल रही थी। सीआरपीएफ के जवानों को सूचना मिलते ही वे तुरंत गांव पहुंचे, महिला को सुरक्षित तरीके से एम्बुलेंस में बिठाया और बारसूर अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराया।
दंतेवाड़ा जिले के ग्राम सालेपाल गांव में मंगलवार सुबह सीआरपीएफ के जवानों ने मानवता की मिसाल पेश की। उन्होंने लेबर पेन से जूझ रही एक गर्भवती महिला को तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया। जवानों की त्वरित और संवेदनशील मदद से महिला को समय पर चिकित्सा उपचार मिल सका।

महिला के परिजनों ने जवानों द्वारा की गई इस त्वरित और मानवीय मदद के लिए उनका हृदय से धन्यवाद किया। उन्होंने जवानों के इस नेक कार्य की मुक्त कंठ से सराहना की। ग्रामीणों का कहना था कि सीआरपीएफ के जवान समय-समय पर उनकी सहायता के लिए हमेशा आगे आते रहते हैं। उन्होंने जवानों की इस निस्वार्थ सेवा और सहायता के लिए उनके प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।
जवानों ने सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की और बिना देरी किए महिला को अस्पताल पहुंचाया। उनकी तत्परता और संवेदनशीलता से एक गर्भवती महिला को समय पर चिकित्सा सहायता मिली। एम्बुलेंस की अनुपलब्धता जैसी विपरीत परिस्थिति के बावजूद जवानों ने वैकल्पिक व्यवस्था की। यह कार्य उनकी जनसेवा और समुदाय के प्रति प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।













































