नेतृत्व की स्पष्ट दृष्टि और विकास का आत्मविश्वास
@पंडित कान्हा शास्त्री(ज्योतिर्विद । लेखक और सामाजिक विश्लेषक)
छत्तीसगढ़ का प्रस्तुत बजट केवल वित्तीय दस्तावेज़ नहीं, बल्कि राज्य की सामूहिक आकांक्षाओं का घोषणापत्र है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व और वित्त मंत्री O. P. Choudhary की आर्थिक दूरदर्शिता में तैयार यह बजट बताता है कि सरकार अल्पकालिक लोकप्रियता नहीं, बल्कि दीर्घकालिक स्थिरता और समृद्धि को प्राथमिकता दे रही है। यह विकास के साथ विश्वास का भी बजट है।

कृषि से समृद्धि तक: गाँव बने विकास का केंद्र
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए किए गए प्रावधान इस तथ्य को रेखांकित करते हैं कि राज्य की प्रगति का मार्ग गाँवों से होकर गुजरता है। सिंचाई, समर्थन तंत्र, प्रसंस्करण और विपणन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में उठाए गए कदम केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं, बल्कि किसानों की आय और सम्मान दोनों को बढ़ाने का संकल्प हैं। यह दृष्टिकोण ग्रामीण छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निर्णायक साबित हो सकता है।
‘रानी दुर्गावती योजना’: बेटियों के भविष्य में ऐतिहासिक निवेश
इस बजट की सबसे प्रेरणादायी घोषणा है -रानी दुर्गावती योजना’। इसके अंतर्गत बालिकाओं को 18 वर्ष पूर्ण करने पर 1.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की तैयारी की गई है। यह केवल एक वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि बेटियों के सम्मान, शिक्षा और स्वावलंबन में राज्य का विश्वास है। यह योजना सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ एक सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बन सकती है। यह संदेश स्पष्ट है-छत्तीसगढ़ अपनी बेटियों को बोझ नहीं, भविष्य की शक्ति मानता है।
महिला सशक्तिकरण: संवेदना से सशक्तिकरण तक
महिलाओं के आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक सशक्तिकरण हेतु किए गए प्रावधान यह दर्शाते हैं कि सरकार समावेशी विकास की अवधारणा को व्यवहार में उतारना चाहती है। स्वरोज़गार, पोषण, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े कदम समाज की नींव को मजबूत करेंगे। जब महिलाएँ सशक्त होंगी, तभी परिवार, समाज और राज्य सशक्त होगा।
युवा शक्ति: कौशल, रोजगार और नवाचार का नया अध्याय
युवा वर्ग को केंद्र में रखकर तैयार की गई योजनाएँ राज्य को प्रतिस्पर्धी और आधुनिक अर्थव्यवस्था की दिशा में अग्रसर करेंगी। कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, स्टार्टअप प्रोत्साहन और रोजगार सृजन की पहलें यह संकेत देती हैं कि सरकार भविष्य की चुनौतियों के लिए आज से तैयारी कर रही है। यह केवल नौकरी का प्रश्न नहीं, बल्कि अवसर और आत्मविश्वास का निर्माण है।
स्वास्थ्य, शिक्षा और अधोसंरचना: प्रगति की त्रिवेणी
स्वास्थ्य और शिक्षा पर बढ़ा हुआ व्यय मानव संसाधन को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता दर्शाता है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ सामाजिक विकास का आधार हैं। साथ ही सड़क, बिजली, जल प्रबंधन और डिजिटल कनेक्टिविटी पर निवेश औद्योगिक विस्तार और निवेश आकर्षण को नई गति देगा। यह बजट विकास के हर आयाम को संतुलित रूप से आगे बढ़ाता है।
वित्तीय अनुशासन और सुशासन की मिसाल
विकास योजनाओं के साथ वित्तीय अनुशासन बनाए रखना किसी भी सरकार की परिपक्वता का संकेत है। यह बजट संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और दीर्घकालिक स्थिरता का संदेश देता है। यदि पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित होता है, तो यह बजट विश्वास और परिणाम -दोनों प्रदान करेगा।
विश्वास, विकास और भविष्य का संकल्प–
समग्र रूप से यह बजट छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर, समृद्ध और अवसरों से परिपूर्ण राज्य बनाने की स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत करता है। ‘रानी दुर्गावती योजना’ जैसी ऐतिहासिक पहलें सामाजिक चेतना और आर्थिक सशक्तिकरण दोनों को नई दिशा देंगी। यह बजट केवल वर्तमान का उत्तर नहीं, बल्कि भविष्य का संकल्प है। यदि योजनाएँ प्रभावी रूप से धरातल पर उतरती हैं, तो छत्तीसगढ़ विकास और सुशासन का आदर्श मॉडल बनकर उभरेगा।














































