छत्तीसगढ़: एटीएम से 1,000 रुपये कम निकले, 12 साल की लड़ाई के बाद शिक्षक को 4.36 लाख का मुआवजा

SHARE:

महासमुंद। एटीएम से 1,000 रुपये कम निकलने की मामूली दिखने वाली घटना ने एक जागरूक उपभोक्ता की दृढ़ता से बैंकिंग तंत्र को आईना दिखा दिया। महावीर पार्क, महासमुंद निवासी शिक्षक जयराम पटेल ने 12 साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 4 लाख 36 हजार 787 रुपये का मुआवजा हासिल किया।

मामला 27 अक्टूबर 2010 का है। जयराम पटेल ने पत्नी के एटीएम कार्ड से 2,000 रुपये निकाले, लेकिन मशीन से केवल 1,000 रुपये ही निकले, जबकि खाते से पूरी राशि कट गई।


शिकायत पर दुर्व्यवहार का आरोप

पीड़ित के अनुसार, वे शिकायत लेकर पंजाब नेशनल बैंक की शाखा पहुंचे, जहां शाखा प्रबंधक ने कथित रूप से शिकायत अनसुनी कर दी और आवेदन को कूड़ेदान में फेंकने की धमकी देते हुए दुर्व्यवहार किया।

इसके बाद वर्ष 2011 में उन्होंने जिला उपभोक्ता फोरम महासमुंद में परिवाद दायर किया।


हर स्तर पर बैंक को झटका

जिला फोरम ने बैंक की लापरवाही मानते हुए 100 रुपये प्रतिदिन हर्जाना देने का आदेश दिया। बैंक ने फैसले को चुनौती देते हुए पहले राज्य फोरम और फिर राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का दरवाजा खटखटाया, लेकिन हर स्तर पर बैंक को हार का सामना करना पड़ा।


भुगतान में देरी, वारंट जारी

नेशनल फोरम के आदेश के बाद भी भुगतान में देरी होती रही। इस पर जिला फोरम ने सख्ती दिखाते हुए Axis Bank के शाखा प्रबंधक के खिलाफ गिरफ्तारी और वसूली वारंट जारी कर दिया। वारंट जारी होते ही बैंक ने तत्काल 4,36,787 रुपये का भुगतान कर दिया।

Amit sahu
Author: Amit sahu

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई