छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एंटी नक्सल ऑपरेशन में शामिल पुलिस जवानों की आउट ऑफ टर्न प्रमोशन से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू की एकलपीठ ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत लंबित प्रतिनिधित्व पर दो माह के भीतर कानून के अनुरूप निर्णय लिया जाए।
क्या है मामला?
मामला दीपक कुमार नायक व अन्य बनाम राज्य शासन से संबंधित है। याचिकाकर्ता जवान 15-16 अप्रैल 2024 को कांकेर जिले के कालपर-हापाटोला-छेटेबेठिया क्षेत्र में बीएसएफ के साथ संयुक्त एंटी नक्सल अभियान में शामिल थे। इस अभियान में 29 नक्सली मारे गए थे।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि ऑपरेशन में शामिल कुल 187 पुलिसकर्मियों में से केवल 54 को ही पुलिस विनियम 70(क) के तहत असामान्य पदोन्नति (आउट ऑफ टर्न प्रमोशन) दी गई, जबकि अन्य जवानों को इसका लाभ नहीं मिला।
हाईकोर्ट का निर्देश
हाईकोर्ट ने सीधे पदोन्नति देने का आदेश पारित करने के बजाय प्रशासनिक प्रक्रिया अपनाते हुए डीजीपी को निष्पक्ष रूप से मामले पर विचार कर निर्णय लेने को कहा है।














































