छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से अंधविश्वास की एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। गादीरास थाना क्षेत्र के ग्राम उच्चारास में जादू-टोना के संदेह में एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है।
बच्चे की मौत से शुरू हुआ शक, परिवार ने जादू-टोना माना वजह
जानकारी के अनुसार, दिसंबर माह में ग्राम उच्चारास में गंगा नामक एक बच्चे की मौत हो गई थी। बच्चे की मौत के बाद परिजनों को शक था कि सोढ़ी देवा द्वारा जादू-टोना किए जाने के कारण यह घटना हुई है। इसी शक ने आगे चलकर हिंसक रूप ले लिया।
क्रियाकर्म के दौरान भड़की चर्चा, गांव में फैला अंधविश्वास
23 जनवरी को बच्चे के क्रियाकर्म के दौरान इस विषय पर चर्चा और तेज हो गई। ग्रामीणों के बीच यह धारणा बन गई कि गांव में हो रही तमाम अनहोनी घटनाओं के पीछे सोढ़ी देवा का जादू-टोना जिम्मेदार है। धीरे-धीरे यह अंधविश्वास पूरे गांव में फैल गया।
अंधविश्वास ने ली हिंसक शक्ल, चार लोगों ने मिलकर की हत्या
अंधविश्वास के इसी माहौल में मृत बच्चे के परिवार के चार सदस्यों ने मिलकर सोढ़ी देवा की हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को गांव के पास स्थित एक खेत में गाड़ दिया, ताकि मामला उजागर न हो सके।
शिकायत के बाद खुला राज, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
मामले में 31 जनवरी को पीड़ित पक्ष की शिकायत पर थाना गादीरास में एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई।
त्वरित पुलिस कार्रवाई, चारों आरोपी गिरफ्तार
गादीरास थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की गई। हत्या में शामिल चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
कौन हैं आरोपी, पुलिस ने की पहचान सार्वजनिक
गादीरास थाना क्षेत्र के ग्राम कयारास निवासी आरोपियों में
- कोसा सोढ़ी (42 वर्ष)
- डूंगा सोढ़ी (38 वर्ष)
- नंदलाल करटामी (36 वर्ष)
- डुला सोढ़ी (25 वर्ष)
शामिल हैं।
न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी, जांच जारी
पुलिस के अनुसार आरोपियों को 14 फरवरी 2026 तक न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है, जबकि अंतिम रिमांड की अवधि 1 मई 2026 तक निर्धारित की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच जारी है।














































