रायपुर। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का आज अंतिम दिन है। सरकार की तय गाइडलाइन के अनुसार 31 जनवरी तक धान खरीदी होनी थी, लेकिन 31 जनवरी को रविवार होने के कारण शासकीय कार्य बंद रहेगा। ऐसे में 31 जनवरी के लिए जारी सभी टोकन पर धान खरीदी आज ही की जा रही है।
23.55 लाख किसानों से 128.23 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि 29 जनवरी 2026 तक प्रदेश में 23.55 लाख किसानों से 128.23 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने स्वयं सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा की है।
कांग्रेस के आरोपों पर सीएम का दो टूक जवाब
धान खरीदी को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों और आंदोलन पर मुख्यमंत्री साय ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट कहा कि आज धान खरीदी का अंतिम दिन है और उन्हें पूरा भरोसा है कि खरीदी की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले ही धान खरीदी की समीक्षा की गई थी और विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी किसान का धान बिकने से न छूटे।
तारीख बढ़ाने की मांग पर सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस विपक्ष का धर्म निभा रही है, लेकिन उसके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है। सरकार ने तय समयसीमा में व्यापक पैमाने पर धान खरीदी की है।
कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल का बयान—मियाद बढ़ाने की जरूरत नहीं
धान खरीदी में अव्यवस्था को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन पर कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने भी साफ शब्दों में कहा कि धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्याप्त मात्रा में धान खरीदा गया है और किसानों का एक-एक दाना खरीदा जा रहा है। कांग्रेस को आरोप लगाने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम की सतर्क प्रतिक्रिया
धान खरीदी की तारीख बढ़ाने के सवाल पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि जिन किसानों का धान शेष है, उनके धान की खरीदी की व्यवस्था की गई है और 31 जनवरी तक का समय निर्धारित है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने उत्पादन किया है, उन्हें उचित मूल्य मिलेगा, हालांकि मियाद बढ़ाने के सवाल पर वे स्पष्ट टिप्पणी से बचते नजर आए।
दुर्ग जिले में 9,500 से अधिक किसान अब भी वंचित
दुर्ग जिले में स्थिति को लेकर आंकड़े सामने आए हैं। जिले में कुल 102 धान खरीदी केंद्र संचालित हैं, जहां 1 लाख 13 हजार 623 किसानों ने 1 लाख 20 हजार 179 हेक्टेयर रकबे में पंजीयन कराया था। इस वर्ष 61.64 लाख क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया था, जिसके मुकाबले अब तक 53.70 लाख क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है। इसके बावजूद 9,500 से अधिक किसान अब भी धान बेचने से वंचित रह गए हैं और करीब 3.04 लाख क्विंटल धान शेष बचा हुआ है।
धान खरीदी 2025-26: अब तक की स्थिति
प्रदेश में बड़े पैमाने पर धान खरीदी के दावे के बीच शेष किसानों और बचे धान को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। सरकार जहां तय मियाद के भीतर खरीदी पूरी होने का भरोसा जता रही है, वहीं कांग्रेस इसे किसानों के साथ अन्याय बता रही है। ऐसे में आज का दिन धान खरीदी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।















































