छत्तीसगढ़ में जमीन और मकान की खरीद-फरोख्त से जुड़े लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने स्थावर संपत्ति की गाइडलाइन दरों में पुनरीक्षण को मंजूरी दे दी है।
Chhattisgarh Property Guideline Revision: छत्तीसगढ़ में संपत्ति की खरीद-फरोख्त से जुड़े नियमों में एक अहम बदलाव होने जा रहा है। राज्य की जिला मूल्यांकन समितियों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर स्थावर संपत्ति की गाइडलाइन दरों में पुनरीक्षण को मंजूरी दे दी गई है। यह फैसला आम लोगों के साथ-साथ रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संशोधित गाइडलाइन दरें 30 जनवरी 2026 से प्रभाव में आएंगी।
केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक में फैसला
कार्यालय महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक, छत्तीसगढ़ की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, “छत्तीसगढ़ गाइडलाइन दरों का निर्धारण नियम, 2000” के प्रावधानों के तहत केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में राज्य के अलग-अलग जिलों से प्राप्त प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
रायपुर और कोरबा के प्रस्तावों को मिली मंजूरी
बैठक में जिला मूल्यांकन समिति रायपुर और कोरबा से प्राप्त स्थावर संपत्ति की गाइडलाइन दरों के पुनरीक्षण संबंधी प्रस्तावों को अनुमोदित किया गया। यह पुनरीक्षण वर्ष 2025-26 के लिए किया गया है। बोर्ड ने प्रस्तावों को मंजूरी देने के बाद उनकी प्रतियां संबंधित कलेक्टरों और जिला मूल्यांकन समिति के अध्यक्षों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी हैं।
30 जनवरी 2026 से होंगी लागू नई दरें
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संशोधित गाइडलाइन दरें 30 जनवरी 2026 से पूरे प्रदेश में प्रभावशील होंगी। इसका मतलब यह है कि इस तारीख के बाद होने वाली जमीन और मकान की रजिस्ट्री नई गाइडलाइन दरों के आधार पर की जाएगी। इससे स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
















































