खरसिया। आज़ादी की लड़ाई में अपने प्राण न्योछावर करने वाले अमर शहीद हेमू कालानी का बलिदान दिवस बुधवार को खरसिया में श्रद्धा, अनुशासन और देशभक्ति के भाव के साथ मनाया गया। पूज्य सिंधी पंचायत के नेतृत्व में सब्जी मंडी स्थित हेमू कालानी चौक पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में समाज के हर वर्ग की भागीदारी देखने को मिली।
देशभक्ति गीतों से गूंजा चौक
सुबह से ही कार्यक्रम स्थल देशभक्ति गीतों और शहीदों को समर्पित संदेशों से गूंजता रहा। शाम होते ही श्रद्धांजलि सभा की औपचारिक शुरुआत शहीद हेमू कालानी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि से हुई। उपस्थित नागरिकों ने मौन धारण कर वीर शहीद को नमन किया।
22 वर्ष की उम्र, अदम्य साहस की मिसाल
सभा को संबोधित करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता गिरधर गुप्ता ने कहा कि 21 जनवरी को अंग्रेजी हुकूमत ने मात्र 22 वर्ष की आयु में हेमू कालानी को फांसी दे दी थी, लेकिन उनका साहस और राष्ट्रप्रेम आज भी युवाओं को मार्ग दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि हेमू कालानी का बलिदान केवल सिंधी समाज नहीं, बल्कि पूरे भारत के लिए प्रेरणास्रोत है।
हर वर्ष 21 जनवरी को शहीद दिवस
वक्ताओं ने बताया कि शहीद हेमू कालानी की स्मृति में सिंधी समाज हर वर्ष 21 जनवरी को शहीद दिवस के रूप में मनाता है, ताकि आने वाली पीढ़ियां स्वतंत्रता संग्राम के इस वीर सपूत के त्याग को याद रख सकें।

वरिष्ठों के साथ युवाओं की मजबूत मौजूदगी
कार्यक्रम में पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष देवानंद धमवानी सहित विजय मेघानी, अशोक भगतानी, नरेश चंदवानी, भरत अम्बवानी, नानक अमरानी, अनु मेघानी, विद्यासागर श्रीवानी, शंकर मेघानी, सोनू रावलानी, आकाश मेघानी, दिनेश अम्बवानी, हीरा चंदवानी, प्रशांत अमरानी, चिमन चंदवानी सहित बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे। सभी ने राष्ट्रसेवा और सामाजिक एकता के लिए कार्य करने का संकल्प लिया।














































