शिकायत दर्ज होते ही शुरू हुई पुलिस कार्रवाई
रायगढ़ जिले के पुसौर थाना क्षेत्र में Pusaur police arrest के तहत नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया। 12 सितंबर 2025 को पीड़िता की माता ने थाना पुसौर में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी नाबालिग पुत्री सुबह बिना बताए घर से लापता हो गई है। परिजनों को आशंका थी कि किसी युवक ने बहला-फुसला कर बालिका को अपने साथ ले गया है।
अपराध दर्ज कर तेज की गई विवेचना
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपराध क्रमांक 257/2025 धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की। Pusaur police arrest के तहत पुलिस टीम लगातार संदिग्ध ठिकानों पर नजर बनाए हुए थी।
आरोपी के कब्जे से नाबालिग की बरामदगी
लगातार प्रयासों के बाद 23 दिसंबर 2025 को पुलिस ने अपहृत नाबालिग बालिका को आरोपी गणेश उरांव के कब्जे से सुरक्षित बरामद कर लिया। बरामदगी के दौरान गवाहों की मौजूदगी में दस्तयाबी पंचनामा तैयार किया गया।
पीड़िता के बयान से उजागर हुआ अपराध
महिला पुलिस अधिकारी द्वारा कराए गए कथन में पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने उसे शादी का झांसा देकर घर से भगाया। नाबालिग होने की जानकारी होने के बावजूद आरोपी ने जबरन शादी कर पत्नी की तरह रखते हुए लगातार शारीरिक संबंध बनाए। इस बयान के बाद Pusaur police arrest मामले में ठोस आधार मिला।
मेडिकल जांच के बाद आरोपी गिरफ्तार
पीड़िता का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुसौर में मेडिकल परीक्षण कराया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी गणेश उरांव, पिता सुरेश उरांव, उम्र 21 वर्ष, निवासी थाना पुसौर, जिला रायगढ़ ने अपराध स्वीकार किया। आरोपी का भी मेडिकल परीक्षण कराया गया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर 24 दिसंबर 2025 को आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका
इस संपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव, उप निरीक्षक कुंदन लाल गौर सहित थाना पुसौर के स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। Pusaur police arrest को लेकर पुलिस की तत्परता सराहनीय मानी जा रही है।














































