पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, शहीद परिवारों का किया सम्मान

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध मिली निर्णायक सफलता वीर पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों के अदम्य साहस, शौर्य, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान का परिणाम है। दशकों तक नक्सल हिंसा और भय से प्रभावित रहे बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में आज शांति, सुरक्षा और विश्वास का नया वातावरण बना है। इस ऐतिहासिक बदलाव के पीछे उन असंख्य वीर जवानों का त्याग और बलिदान है, जिन्होंने प्रदेश और देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। अमर शहीदों का बलिदान सदैव हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को और मजबूत करेगा।

यह बात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को राजधानी रायपुर के माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल परिसर में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस परेड को संबोधित करते हुए कही।

शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों की ओर से कर्तव्य पथ पर सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों को नमन किया। उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। साथ ही शहीद पुलिस अधिकारियों और जवानों के परिजनों को शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया तथा उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस देश की एकता, अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों की शौर्यगाथा को स्मरण करने का दिन है। पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ नागरिकों की सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्पर रहते हैं। उनकी वीरता और समर्पण से ही समाज में शांति और सुरक्षा का वातावरण कायम रहता है।

21 अक्टूबर को मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस

मुख्यमंत्री साय ने पुलिस स्मृति दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख में भारत-तिब्बत सीमा पर तैनात भारतीय पुलिस के जवानों ने चीनी सैनिकों के एक बड़े दस्ते का अदम्य साहस के साथ सामना किया था। इस संघर्ष में 10 वीर जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनकी शहादत की स्मृति में हर वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि यह दिवस उन सभी पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने देश और समाज की सुरक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी।

शहीद परिवारों का सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस केवल शहीदों को श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं है, बल्कि उनके आदर्शों, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की महान परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का दिन भी है। जब कोई जवान देश और समाज की सुरक्षा के लिए कर्तव्य पथ पर खड़ा होता है, तब उसके पीछे उसके पूरे परिवार का त्याग, धैर्य और साहस भी जुड़ा होता है। इसलिए शहीद जवानों के परिवारों का सम्मान और कल्याण राज्य सरकार की जिम्मेदारी और सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

हर परिस्थिति में शहीद परिवारों के साथ खड़ी है सरकार

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शहीद परिवारों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिजनों ने जिस साहस और धैर्य के साथ अपने प्रियजनों के बलिदान को राष्ट्रसेवा के गौरव में परिवर्तित किया है, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश अपने अमर शहीदों और उनके परिवारों के योगदान को कभी नहीं भूलेगा। शहीद जवानों का त्याग और राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों को देशसेवा, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा।

Amit sahu
Author: Amit sahu

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