वार्ड नंबर 40 में विकसित होगा शहर का नया हरित क्षेत्र, वॉकिंग ट्रैक, जॉगिंग ट्रैक, किड्स जोन और बैठने की मिलेगी सुविधा
रायगढ़। रायगढ़ शहर में शहरी विकास और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की गई है। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी के प्रयासों से वार्ड नंबर 40 में भव्य ऑक्सी जोन विकसित करने के लिए 10.45 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। होटल ट्रिनिटी के सामने गजानंदपुरम कॉलोनी के पीछे स्थित करीब 6 एकड़ बंजर भूमि पर यह परियोजना विकसित की जाएगी। इससे शहरवासियों को हरियाली, सैर-सपाटे, योग और मनोरंजन के लिए एक बेहतर सार्वजनिक स्थल मिलने की उम्मीद है।
लंबे समय से खाली पड़ी जमीन पर विकसित होगा हरित क्षेत्र
गजानंदपुरम कॉलोनी के पीछे लंबे समय से खाली पड़ी जमीन का उपयोग ऑक्सी जोन के निर्माण के लिए किया जाएगा। बताया गया है कि इस क्षेत्र में पहले विद्युत विभाग के ट्रांसफार्मरों में आग लगने की घटना भी हो चुकी है। घनी आबादी के बीच सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी रहती थीं। ऐसे में क्षेत्रवासियों ने इस भूमि का बेहतर उपयोग करने और समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की थी।
विधायक ओपी चौधरी के प्रयासों से मिली स्वीकृति के बाद अब इस भूमि को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ आसपास के निवासियों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
6 एकड़ में 80 प्रतिशत से अधिक हिस्से पर होगी हरियाली
प्रस्तावित ऑक्सी जोन में 80 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र को ग्रीन लैंडस्केपिंग और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण के लिए आरक्षित रखने की योजना है। इसका उद्देश्य शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाना और लोगों को स्वच्छ एवं प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध कराना है।
परियोजना का निर्माण छत्तीसगढ़ हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा किया जाएगा। योजना के तहत प्रवेश द्वार, पार्किंग और अन्य आवश्यक सुविधाओं को व्यवस्थित रूप से विकसित किया जाएगा।
वॉकिंग और जॉगिंग ट्रैक के साथ योग की भी सुविधा
ऑक्सी जोन में सुबह-शाम टहलने और व्यायाम करने वालों के लिए विशेष व्यवस्थाएं प्रस्तावित हैं। पूरे परिसर की परिधि में आउटर जॉगिंग ट्रैक बनाया जाएगा। इसके अलावा दो प्रमुख रास्ते और अंदर घुमावदार पाथ-वे विकसित किए जाएंगे।
यहां लोग नियमित रूप से पैदल चलने, जॉगिंग करने और योग जैसी गतिविधियों के लिए पहुंच सकेंगे। पार्क को इस तरह विकसित करने की योजना है कि बच्चे, युवा, बुजुर्ग और परिवार के अन्य सदस्य अपनी जरूरत के अनुसार इसका उपयोग कर सकें।
बैठने, बच्चों के खेलने और पार्किंग की होगी व्यवस्था
प्रस्तावित ऑक्सी जोन में सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कई निर्माण कार्य किए जाएंगे। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- मुख्य प्रवेश द्वार के पास पक्की पार्किंग।
- टिकट काउंटर और गार्ड रूम।
- पांच स्थानों पर गोलाकार गज़ेबो एवं बैठने के लिए चबूतरे।
- पार्क के मध्य में बड़ा अंडाकार सेंट्रल प्लाजा।
- बच्चों के लिए झूले और खेलने का क्षेत्र।
- वेडिंग जोन, टॉयलेट ब्लॉक और व्यवस्थित प्रकाश व्यवस्था।
इन सुविधाओं के माध्यम से ऑक्सी जोन को शहरवासियों के लिए आकर्षक और सुविधाजनक सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है।
ढिमरापुर और कोतरा रोड के कई वार्डों को मिलेगा लाभ
इस परियोजना से ढिमरापुर और कोतरा रोड क्षेत्र के करीब आधा दर्जन वार्डों की 15 हजार से अधिक आबादी को लाभ मिलने की उम्मीद है। आसपास के लोगों को टहलने, व्यायाम करने और परिवार के साथ समय बिताने के लिए एक नया स्थान उपलब्ध होगा।
शहर में बढ़ती आबादी के बीच हरित क्षेत्रों का विकास पर्यावरण संरक्षण और बेहतर जीवनशैली के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गजानंदपुरम में प्रस्तावित ऑक्सी जोन इसी दिशा में एक नई पहल साबित हो सकता है।
सिंदूर पार्क के बाद जूटमिल में भी विकसित हो रहा ऑक्सी जोन
रायगढ़ शहर में इससे पहले इतवारी बाजार के मध्य सिंदूर पार्क के रूप में ऑक्सी जोन विकसित कर जनता को समर्पित किया जा चुका है। वहीं, जूटमिल क्षेत्र की बंद पड़ी किसान राइस मिल में भी ऑक्सी जोन विकसित करने की प्रक्रिया जारी है।
गजानंदपुरम में 10.45 करोड़ रुपये की स्वीकृति के साथ प्रस्तावित नई परियोजना से शहर में हरित क्षेत्रों का विस्तार होने की उम्मीद है। अब इस परियोजना के निर्माण और निर्धारित सुविधाओं के विकास पर आगे की प्रगति महत्वपूर्ण होगी।






























