रायगढ़ और पुसौर तहसील में जांच के बाद सामने आया मामला, कॉलोनाइजर का लाइसेंस निरस्त
रायगढ़। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए आरक्षित भूमि से जुड़ी अनियमितताओं को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर शुरू की गई जांच का असर महज तीन दिनों में दिखाई दिया। रायगढ़ और पुसौर तहसील में जांच के दौरान करीब 10.10 एकड़ ईडब्ल्यूएस भूमि शासन के हक में उपलब्ध कराई गई है।
कॉलोनाइजरों को जारी हुए वैधानिक नोटिस
कलेक्टर के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), रायगढ़ ने दोनों तहसीलों में कॉलोनी विकसित करने वाले संबंधित कॉलोनाइजरों को वैधानिक नोटिस जारी किए। इसके साथ ही ईडब्ल्यूएस भूमि से संबंधित राजस्व अभिलेखों और भूमि के लेखा-जोखा की जांच शुरू की गई।
रायगढ़ तहसील में 6.40 एकड़ भूमि चिन्हित
जांच के दौरान तहसील रायगढ़ के ग्राम पण्डरीपानी पूर्व, बड़े अतरमुड़ा, बेन्द्राचुआं, खैरपुर और गोपालपुर में सात खसरा नंबरों के अंतर्गत करीब 6.40 एकड़ ईडब्ल्यूएस भूमि शासन के हक में उपलब्ध होना सामने आया।
पुसौर में भी 3.70 एकड़ भूमि मिली
इसी तरह तहसील पुसौर के ग्राम पुसौर, छींच और गढ़उमरिया में चार खसरा नंबरों से संबंधित करीब 3.70 एकड़ ईडब्ल्यूएस भूमि उपलब्ध हुई है। इस तरह दोनों तहसीलों में कुल लगभग 10.10 एकड़ भूमि शासन के हित में सुरक्षित किए जाने की कार्रवाई सामने आई है।
बड़े अतरमुड़ा की कॉलोनी पर कार्रवाई
प्रशासन ने जांच को केवल दस्तावेजों की पड़ताल तक सीमित नहीं रखा, बल्कि अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई भी शुरू कर दी है। तहसील रायगढ़ के बड़े अतरमुड़ा क्षेत्र स्थित एक कॉलोनी के कॉलोनाइजर का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।
इसके साथ ही संबंधित भूखंडों के क्रय-विक्रय पर स्थगन आदेश भी जारी किया गया है, जिससे जांच पूरी होने तक संबंधित जमीनों में आगे की लेन-देन प्रक्रिया पर रोक रहेगी।
ईडब्ल्यूएस भूमि की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए निर्धारित भूमि एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक प्रावधान है। इसके उपयोग और संरक्षण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कॉलोनाइजर के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की ओर से ईडब्ल्यूएस भूमि को शासन के हक में सुरक्षित कराने के साथ-साथ अन्य संबंधित मामलों की भी जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और कार्रवाई होने की संभावना है।






























