रायगढ़ रेलवे स्टेशन में कांवड़ियों की भारी भीड़, ट्रेनों में चढ़ने के लिए मची धक्का-मुक्की

SHARE:

साउथ बिहार समेत कई ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं, आरपीएफ-जीआरपी ने संभाला मोर्चा; हादसे का बढ़ा खतरा

रायगढ़। सावन के तीसरे सोमवार से पहले रविवार को रायगढ़ रेलवे स्टेशन पर कांवड़ियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्टेशन पहुंचते रहे। जैसे ही यात्री ट्रेनें स्टेशन पहुंचीं, उनमें चढ़ने के लिए यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। स्थिति यह रही कि कई यात्री किसी तरह ट्रेन में चढ़ गए, जबकि कुछ लोग बोगी के गेट पर लटकते नजर आए। इससे हादसे की आशंका बढ़ गई।

स्थिति को देखते हुए आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने मोर्चा संभाला और कड़ी मशक्कत के बाद यात्रियों को बोगियों के अंदर कराया। इसके बाद ट्रेनों को रवाना किया गया। भीड़ के कारण आम यात्रियों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

सावन शुरू होने के बाद बढ़ी ट्रेनों में भीड़

सावन माह की शुरुआत के बाद से ही यात्री ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई है। सामान्य दिनों की तुलना में रविवार को यात्रियों की संख्या काफी अधिक रही। खासकर ओडिशा की ओर जाने वाली ट्रेनों में कांवड़ियों की भीड़ के चलते स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण रही।

रविवार सुबह से ही रायगढ़ रेलवे स्टेशन पर कांवड़ियों का जमावड़ा लगा रहा। साउथ बिहार एक्सप्रेस, टाटा-इतवारी सहित अन्य ट्रेनों के स्टेशन पहुंचते ही उनमें सवार होने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ मच गई।

पटरियों तक पहुंच गई भीड़

भीड़ इतनी अधिक थी कि प्लेटफॉर्म पर जगह कम पड़ने के कारण कई यात्री पटरियों तक पहुंच गए। ऐसे में किसी गंभीर हादसे की आशंका बनी रही। सुरक्षा व्यवस्था में तैनात आरपीएफ-जीआरपी के जवान लगातार यात्रियों को पटरियों से हटाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाते रहे।

कांवड़ियों ने बताया कि रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु घोघड़ धाम के लिए रवाना हुए हैं। श्रद्धालु रविवार शाम जल उठाकर सोमवार सुबह घोघड़ धाम पहुंचकर जलाभिषेक करेंगे। इसी वजह से ओडिशा की ओर जाने वाली ट्रेनों में सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिली।

जनरल से स्लीपर कोच तक ठसाठस भरे

दोपहर में साउथ बिहार एक्सप्रेस के रायगढ़ स्टेशन पहुंचते ही ट्रेन में चढ़ने के लिए जबरदस्त धक्का-मुक्की शुरू हो गई। जनरल से लेकर स्लीपर कोच तक कांवड़ियों की भीड़ नजर आई। कई यात्रियों को बोगियों में जगह नहीं मिली, जबकि कुछ लोग गेट पर लटक गए।

स्थिति को देखते हुए ट्रेन को स्टेशन से धीमी गति से रवाना किया गया, ताकि किसी तरह की अनहोनी न हो। जो यात्री बोगी के अंदर नहीं जा सके, उन्हें नीचे उतारा गया। इसके बाद पीछे आ रही इतवारी-टाटानगर ट्रेन से कई यात्रियों को रवाना किया गया।

वापसी में भी बढ़ सकती है भीड़

कांवड़ियों के अनुसार सोमवार को घोघड़ धाम में जलाभिषेक के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु साउथ बिहार एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनों से वापस लौटेंगे। ऐसे में वापसी के दौरान भी रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में इसी तरह की भारी भीड़ रहने की संभावना है।

इससे रिजर्वेशन कराकर यात्रा करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। वहीं रेलवे और सुरक्षा बलों के सामने भीड़ को नियंत्रित करने तथा यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की चुनौती बनी रहेगी।

Amit sahu
Author: Amit sahu

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई